विजय देवरकोंडा बायोग्राफी: क्या आप एक ऐसे लड़के की कल्पना कर सकते हैं, जिसे बचपन में “रॉडी” कहकर चिढ़ाया जाता था, लेकिन उसने उसी अपमान को करोड़ों डॉलर के साम्राज्य में बदल दिया?
कौन था वो गुमनाम चेहरा, जो बदरुका कॉलेज की गलियों में किसी “लक्ष्यहीन” मुसाफिर की तरह भटकता था, जबकि उसके भीतर एक सिनेमाई सुनामी जन्म ले रही थी?
बिना किसी फिल्मी खानदान या गॉडफादर के, एक संघर्षरत टीवी निर्देशक के इस बेटे के पास अगर कुछ था, तो वो था, हैदराबाद के थिएटर की घुटन भरी परछाइयों में बहाया गया सालों का गुमनाम पसीना।
जब दुनिया सो रही थी, तब वह मंच के पीछे खुद पर पत्थर जैसा अटूट विश्वास जगा रहा था। उनका उदय किसी चमक-धमक वाले ‘चॉकलेटी हीरो’ की तरह नहीं हुआ,
बल्कि उन्होंने ‘अर्जुन रेड्डी’ के रूप में पर्दे पर उतरकर सिनेमा के हर पुराने सांचे को चकनाचूर कर दिया।
यह कहानी सिर्फ पुरानी सफलताओं तक सीमित नहीं है। आज इस नायक ने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत अध्याय की शुरुआत की है।
फरवरी 2026 में, उन्होंने अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर और मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के साथ उदयपुर में एक शाही शादी के बंधन में बंधकर लाखों प्रशंसकों का दिल जीत लिया।
इस जोड़ी की केमिस्ट्री ने सोशल मीडिया पर एक नया इतिहास रच दिया है।अपनी इस खुशी के मौके पर भी वे अपनी जड़ों को नहीं भूले;
अपनी शादी के ठीक बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव थम्मनपेटा जाकर 44 सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप योजना की घोषणा की, ताकि आर्थिक तंगी किसी के सपनों में बाधा न बने।
सितारे विरासत के मोहताज नहीं होते, वे अपनी मेहनत की आग में खुद को तपाकर आसमान छूते हैं।
बेबाक, निडर और अपनी शर्तों पर जीने वाला यह व्यक्तित्व आज करोड़ों युवाओं की प्रेरणा बन चुका है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं आधुनिक भारतीय सिनेमा के असली ‘रॉडी’, विजय देवरकोंडा की।
व्यक्तिगत परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | विजय साई देवरकोंडा |
| जन्म तिथि | 9 मई 1989 |
| उम्र (2026 में) | 36 वर्ष |
| जन्म स्थान | हैदराबाद, तेलंगाना, भारत |
| शिक्षा | B.Com (बैचलर ऑफ कॉमर्स) |
| पेशा | अभिनेता और फिल्म निर्माता |
| परिवार | माता–पिता और छोटे भाई (भाई भी अभिनेता) |
| शुरुआती फिल्में | Arjun Reddy, Geetha Govindam आदि (लोकप्रिय फिल्में) |
| हाल की फिल्म | Kingdom (2025) (एस. व्यू) |
| वैवाहिक स्थिति (2026) | विवाहित – रश्मिका मंदाना से शादी की |
| पत्नी का नाम | रश्मिका मंदाना (अभिनेत्री) |
| शादी की तारीख | 26 फरवरी 2026 (उदयपुर में) |
| जोड़ी का नाम (फैन्स) | “VIROSH” (विजय + रश्मिका) |
| सोशल मीडिया | Instagram पर ज़्यादा फॉलोअर्स |
| सामाजिक काम | छात्रवृत्ति और धर्मार्थ योगदान (स्कॉलरशिप) |
| आने वाली फिल्में | Ranabaali जैसी प्रोजेक्ट्स (रिपोर्ट आधारित) |
शुरुआती जीवन
विजय देवरकोंडा का जन्म 9 मई 1989 को हैदराबाद में हुआ था। आज भले ही वे एक ग्लोबल सुपरस्टार और यूथ आइकन हैं, लेकिन उनके जीवन की शुरुआत बेहद साधारण और कड़े अनुशासन के बीच हुई थी।
बोर्डिंग स्कूल का अनुशासन: विजय का बचपन पुट्टपर्थी के ‘सत्य साईं हायर सेकेंडरी स्कूल’ में बीता। वहां का जीवन बहुत सख्त था; न टीवी था, न फोन, और न ही बाहरी दुनिया से ज्यादा संपर्क।
उन्हें महीने में केवल दो फिल्में देखने की अनुमति मिलती थी, जिसने शायद उनके भीतर सिनेमा के लिए एक गहरी भूख पैदा कर दी।
मध्यमवर्गीय परिवार: वे किसी फिल्मी घराने से नहीं आए थे। उनके पिता, गोवर्धन राव, टीवी धारावाहिकों के निर्देशक थे लेकिन उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था।
उनकी माँ, माधवी, हैदराबाद में एक सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर थीं। परिवार में आर्थिक स्थिरता के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी।
कॉलेज के दिन और “लक्ष्यहीन” सफर: हैदराबाद के बदरुका कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई करते समय, विजय को समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें जीवन में क्या करना है।
वे खुद को एक “लक्ष्यहीन” छात्र मानते थे। हालांकि, उसी समय उन्होंने थिएटर (रंगमंच) जॉइन किया और नाटक करना शुरू किया, जहाँ उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि वे अभिनय के लिए ही बने हैं।
थिएटर का संघर्ष: फिल्मों में आने से पहले उन्होंने ‘सूत्रधार’ जैसे थिएटर ग्रुप्स के साथ सालों तक काम किया।
वे मंच के पीछे काम करते थे, सफाई करते थे और छोटे-छोटे रोल करते थे। इसी दौर ने उनके भीतर के उस कलाकार को जन्म दिया जो आज दुनिया के सामने है।
फिल्मों में प्रवेश
विजय देवरकोंडा का फिल्मों में प्रवेश किसी चमत्कार से कम नहीं था, क्योंकि उनके पास न तो कोई गॉडफादर था और न ही कोई सिफारिश।
छोटे रोल से शुरुआत: विजय ने अपने करियर की शुरुआत बहुत छोटे किरदारों से की। साल 2011 में फिल्म ‘नुव्विला’ (Nuvvila) में उन्होंने एक छोटा सा रोल निभाया, लेकिन उस वक्त किसी ने उन पर गौर नहीं किया।
‘येवडे सुब्रमण्यम’ और पहली पहचान: असली पहचान उन्हें 2015 की फिल्म ‘येवडे सुब्रमण्यम’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने ‘ऋषि’ नाम के एक ऊर्जावान लड़के का किरदार निभाया था।
हालांकि वह मुख्य हीरो नहीं थे, लेकिन उनके बेबाक अंदाज ने दर्शकों और निर्देशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
‘पेली चुपुलु’ – पहली बड़ी सफलता: साल 2016 में आई फिल्म ‘पेली चुपुलु’ (Pelli Choopulu) ने उनकी किस्मत बदल दी।
यह एक छोटी बजट की फिल्म थी, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया और विजय को एक ‘सॉफ्ट और चार्मिंग’ हीरो के रूप में स्थापित कर दिया।
‘अर्जुन रेड्डी’ और सुपरस्टारडम: असली क्रांति 2017 में आई फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ से हुई। इस फिल्म ने न केवल उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया,
बल्कि भारतीय सिनेमा में ‘एंग्री यंग मैन’ की एक नई परिभाषा लिखी। यहाँ से विजय एक साधारण अभिनेता से ‘कल्ट आइकन’ बन गए।
प्रसिद्धि का उदय
पेली चुपुलु’ (Pelli Choopulu) – पहली बड़ी जीत: साल 2016 में आई इस छोटी बजट की फिल्म ने पूरे दक्षिण भारतीय सिनेमा को चौंका दिया।
विजय ने इसमें एक आलसी लेकिन प्यारे लड़के का किरदार निभाया था। फिल्म को ‘नेशनल अवॉर्ड’ मिला और विजय पहली बार निर्देशकों की नजर में आए।
‘अर्जुन रेड्डी’ (Arjun Reddy) – एक सुनामी: साल 2017 वह साल था जिसने भारतीय सिनेमा का इतिहास बदल दिया। एक गुस्सैल, जिद्दी और प्यार में पागल डॉक्टर के किरदार में विजय ने ऐसी जान फूँकी कि पूरा देश उनका दीवाना हो गया।
इस फिल्म ने उन्हें एक साधारण एक्टर से सीधे ‘कल्ट सुपरस्टार’ बना दिया।
सारे सांचे तोड़ दिए: ‘अर्जुन रेड्डी’ की सफलता सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं थी; इसने हीरो की उस पुरानी इमेज को तोड़ दिया जिसमें उसे हमेशा ‘परफेक्ट’ दिखाया जाता था।
विजय ने एक ‘ग्रे शेड’ वाले हीरो को भी घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
‘गीता गोविंदम’ (Geetha Govindam) – रिकॉर्ड तोड़ कामयाबी: ‘अर्जुन रेड्डी’ के बागी अवतार के बाद, उन्होंने ‘गीता गोविंदम’ में एक शर्मीले और संस्कारी प्रोफेसर का रोल किया।
इस फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और यह साबित कर दिया कि विजय हर तरह के रोल में फिट बैठते हैं।
‘रॉडी’ ब्रांड का उदय: इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि युवाओं के बीच उनका क्रेज बहुत ज्यादा है। उन्होंने अपनी फैन फॉलोइंग को ‘रॉडीज़’ (Rowdies) का नाम दिया और अपना खुद का क्लोथिंग ब्रांड ‘Rowdy Wear’ लॉन्च किया,
जो देखते ही देखते एक बड़ा बिजनेस साम्राज्य बन गया।
उनकी सफलता का सफर इतना दिलचस्प क्यों रहा?
- बिना किसी ‘फिल्मी गॉडफादर’ के मिली पहचान :
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर फिल्मी परिवारों के बच्चों का दबदबा रहता है। विजय का कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था।
एक साधारण परिवार से आकर, बिना किसी सिफारिश के, सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर टॉप पर पहुँचना उन्हें सबसे अलग और दिलचस्प बनाता है।
- ‘हीरो’ की पुरानी छवि को चुनौती देना :
आम तौर पर फिल्मों में हीरो को बहुत सीधा और ‘परफेक्ट’ दिखाया जाता था। लेकिन विजय ने ‘अर्जुन रेड्डी’ के रूप में एक ऐसे नायक को पेश किया जो गुस्सैल था,
गलतियाँ करता था और बागी था। उनके इस बेबाक अंदाज ने युवाओं को यह अहसास कराया कि “असली होना, परफेक्ट होने से बेहतर है।”
- ‘रॉडी’ एटीट्यूड और ब्रांडिंग :
विजय ने सिर्फ फिल्में नहीं कीं, बल्कि एक ‘कल्चर’ (संस्कृति) पैदा की। उन्होंने अपने प्रशंसकों को ‘रॉडीज़’ (Rowdies) कहना शुरू किया और अपने पहनावे को एक ब्रांड (Rowdy Wear) बना दिया।
यह पहली बार था जब किसी साउथ सुपरस्टार ने खुद को एक यूथ आइकन के रूप में इतनी मजबूती से ब्रांड किया।
- सीधा और बेबाक अंदाज :
विजय इंटरव्यू हो या पब्लिक इवेंट, कभी भी बनावटी बातें नहीं करते। वे अपनी नाकामियों और संघर्षों के बारे में खुलकर बोलते हैं।
उनका यह ‘Unfiltered’ (बिना किसी दिखावे का) स्वभाव ही है जिसकी वजह से लोग खुद को उनसे जोड़ पाते हैं।
- हार को जीत में बदलना :
जिस “रॉडी” शब्द का इस्तेमाल बचपन में उन्हें चिढ़ाने या नीचा दिखाने के लिए किया जाता था, विजय ने अपनी सफलता से उसी शब्द को
‘गर्व और आत्मविश्वास’ का प्रतीक बना दिया। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे प्रेरणादायक मोड़ है।
फिल्मी करियर की कुछ खास बातें
विजय देवरकोंडा के फिल्मी करियर की कुछ ऐसी खास बातें (Highlights) जिन्होंने उन्हें एक साधारण अभिनेता से ‘सुपरस्टार’ बना दिया:
- ‘पेली चुपुलु’ (2016) – पहली बड़ी जीत :
यह फिल्म विजय के करियर का पहला बड़ा मोड़ थी। एक छोटे बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और ‘नेशनल अवॉर्ड’ भी जीता।
इसने दुनिया को दिखाया कि विजय एक बहुत ही स्वाभाविक (Natural) अभिनेता हैं।
- ‘अर्जुन रेड्डी’ (2017) – कल्ट क्लासिक :
इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में तहलका मचा दिया। एक गुस्सैल और प्यार में डूबे डॉक्टर के किरदार ने विजय को रातों-रात पूरे भारत में मशहूर कर दिया।
इसी फिल्म के बाद उन्हें ‘कल्ट आइकन’ कहा जाने लगा।
- ‘गीता गोविंदम’ (2018) – 100 करोड़ का क्लब :
‘अर्जुन रेड्डी’ के बागी अवतार के ठीक बाद, विजय ने एक सीधे-साधे और संस्कारी लड़के का रोल करके सबको चौंका दिया।
इस फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और यह साबित किया कि वे हर तरह के रोल में फिट हो सकते हैं।
- ‘महानटी’ (2018) – सहायक लेकिन यादगार भूमिका :
सावित्री की बायोपिक में विजय ने एक फोटोग्राफर का छोटा लेकिन बहुत ही प्रभावशाली किरदार निभाया। इसने दिखाया कि वे फिल्म की कहानी को खुद से ऊपर रखते हैं।
- ‘डियर कॉमरेड’ (2019) – भावनाओं का जादू :
इस फिल्म में विजय और रश्मिका मंदाना की केमिस्ट्री को बहुत पसंद किया गया। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही,
लेकिन युवाओं के बीच इसके गानों और विजय के अभिनय ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
अपकमिंग फिल्में
‘किंगडम’ और ‘रणबली’: इन फिल्मों के जरिए वे एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपना ‘रॉडी’ अवतार दिखाने वाले हैं।
‘रॉडी जनार्दन’: यह फिल्म उनकी अब तक की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक मानी जा रही है।
पुरस्कार
2026 ग्लोबल डिजिटल रिकॉर्ड दुनिया का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला विज्ञापन (Manyavar Ad)
2026 सामाजिक उपलब्धि 44 सरकारी स्कूलों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा
2025 ग़दर फ़िल्म अवार्ड्स कांथा राव मेमोरियल अवार्ड (तेलुगु सिनेमा में प्रभाव)
2022 SIIMA अवार्ड्स यूथ आइकन ऑफ साउथ इंडिया
2019 SIIMA अवार्ड्स सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (क्रिटिक्स) – गीता गोविंदम
2019 फोर्ब्स इंडिया ’30 अंडर 30′ (सबसे प्रभावशाली युवा)
2018 फिल्मफेयर अवार्ड्स सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (तेलुगु) – अर्जुन रेड्डी
2015 नंदी अवार्ड्स स्पेशल जूरी अवार्ड – येवडे सुब्रमण्यम
बिजनेस
विजय देवरकोंडा सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक बेहद सफल बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने पर्दे के बाहर भी अपना एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया है
- ‘रॉडी’ (Rowdy Wear) – खुद का फैशन ब्रांड :
विजय ने साल 2018 में अपना खुद का कपड़ों का ब्रांड ‘Rowdy Wear’ लॉन्च किया। उन्होंने महसूस किया कि उनके प्रशंसक उनके स्टाइल को पसंद करते हैं,
इसलिए उन्होंने इसे एक ब्रांड बना दिया। आज यह युवाओं के बीच भारत के सबसे लोकप्रिय फैशन ब्रांड्स में से एक है।
- ‘किंग ऑफ द हिल’ (King of the Hill) – प्रोडक्शन हाउस :
उन्होंने अपना खुद का फिल्म निर्माण बैनर (Production House) शुरू किया है जिसका नाम ‘King of the Hill Entertainment’ है।
इसके जरिए वे नई प्रतिभाओं और अलग तरह की कहानियों को मौका देते हैं। उनकी फिल्म ‘मीकू मात्रमे चेप्ता’ इसी बैनर तले बनी थी।
- ‘देवरकोंडा फाउंडेशन’ (The Deverakonda Foundation) :
विजय सामाजिक कार्यों में भी बहुत आगे रहते हैं। उन्होंने इस फाउंडेशन के जरिए
मिडिल क्लास फंड: महामारी के दौरान हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों को राशन और आर्थिक मदद पहुँचाई।
शिक्षा सहायता: हाल ही में (2026) उन्होंने 44 सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की है।
- ‘एवीडी सिनेमा’ (AVD Cinemas) :
बिजनेस की दुनिया में कदम बढ़ाते हुए विजय ने ‘AVD Cinemas’ नाम से अपना एक मल्टीप्लेक्स (सिनेमा हॉल) भी शुरू किया है, जो महबूबनगर (तेलंगाना) में स्थित है। यह उनके बिजनेस साम्राज्य का एक अहम हिस्सा है।
- स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट :
विजय खेलों के भी शौकीन हैं। उन्होंने ‘हैदराबाद ब्लैक हॉक्स’ (Hyderabad Black Hawks) नाम की वॉलीबॉल टीम में हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे वे खेलों को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं।
निजी जिंदगी
- विजय अपने माता-पिता और छोटे भाई के बहुत करीब हैं। उनके पिता गोवर्धन राव (पूर्व टीवी निर्देशक) और मां माधवी उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं।
- उनके छोटे भाई, आनंद देवरकोंडा, भी एक सफल अभिनेता हैं। विजय अक्सर अपने परिवार के साथ बिताए पलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं।
- रश्मिका मंदाना के साथ शादी (Latest 2026)
सालों तक चले कयासों और दोस्ती के बाद, विजय ने 26 फरवरी 2026 को मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के साथ उदयपुर में एक निजी लेकिन शाही समारोह में शादी कर ली। इस जोड़ी को उनके फैंस प्यार से “Virosh” कहते हैं। शादी के बाद उन्होंने हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन भी दिया।
- ‘रॉडी’ स्वभाव और सादगी :
भले ही पर्दे पर वे एक गुस्सैल ‘रॉडी’ (Rowdy) की तरह दिखते हों, लेकिन असल जिंदगी में वे बहुत शांत और जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। वे अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने मध्यमवर्गीय मूल्यों को देते हैं।
- पालतू जानवरों से प्यार :
विजय को कुत्तों से बहुत लगाव है। उनके पास ‘स्टॉर्म’ (Storm) नाम का एक हस्की कुत्ता है, जो अक्सर उनके वीडियो और तस्वीरों में नजर आता है। वे ‘स्टॉर्म’ को अपने परिवार का ही एक हिस्सा मानते हैं।
- सामाजिक कार्य (The Deverakonda Foundation) :
अपनी निजी कमाई का एक बड़ा हिस्सा वे समाज सेवा में लगाते हैं। उन्होंने अपने फाउंडेशन के जरिए हजारों बेरोजगार युवाओं को नौकरियां दिलाने और गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद की है।
मार्च 2026 में अपनी शादी के तुरंत बाद, उन्होंने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों को गोद लेकर वहां के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की।
हालिया प्रोजेक्ट्स और फिल्में (2025-2026) :
‘किंगडम’ (Kingdom – 2025): इस फिल्म में विजय ने एक पुलिस वाले और जासूस (Suri) का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उतनी सफल नहीं रही, लेकिन उनके एक्शन अवतार को काफी पसंद किया गया।
‘रणबाली’ (Ranabaali – 2026): यह उनकी सबसे प्रतीक्षित फिल्म है, जिसमें वे अपनी पत्नी रश्मिका मंदाना के साथ नजर आएंगे।
यह एक ऐतिहासिक ड्रामा है जो 19वीं सदी के भारत पर आधारित है। इसमें विजय एक स्वतंत्रता सेनानी ‘रणबाली’ की भूमिका में हैं। यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है।
हॉलीवुड विलेन से टक्कर: फिल्म ‘रणबाली’ में विजय की टक्कर ‘द ममी’ फेम हॉलीवुड अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू से होगी, जो इस फिल्म में मुख्य विलेन हैं।
भविष्य की योजनाएं (Future Plans) :
‘रॉडी जनार्दन’ (Rowdy Janardhana): विजय जल्द ही एक एक्शन फिल्म ‘रॉडी जनार्दन’ में दिखाई देंगे। इसमें वे एक स्थानीय गुंडे (Rowdy) के किरदार में नजर आएंगे, जो उनके फैंस के लिए एक बड़ा तोहफा होगा।
‘JGM’ (जन गण मन): निर्देशक पुरी जगन्नाथ के साथ उनकी यह बड़ी एक्शन फिल्म भी पाइपलाइन में है, जिसे लेकर काफी चर्चाएं हैं।
काम पर वापसी: शादी के मात्र 14 दिन बाद, यानी 12 मार्च 2026 से विजय ‘रणबाली’ के अगले शेड्यूल की शूटिंग फिर से शुरू करने वाले हैं।
ग्लोबल विजन
विजय अब केवल दक्षिण भारत या बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे अपनी फिल्मों (जैसे रणबाली) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं।
साथ ही, वे अपने प्रोडक्शन हाउस ‘King of the Hill’ के जरिए नए और प्रतिभाशाली निर्देशकों को बड़े अवसर देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
2026 की प्रमुख फ़िल्में
विजय देवरकोंडा का साल 2026 और उसके बाद का सफर बहुत ही धमाकेदार होने वाला है। शादी के बाद वे अपने करियर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
रणबाली (Ranabaali): यह विजय के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है।
रिलीज: 11 सितंबर 2026।
खास बात: इसमें वे अपनी पत्नी रश्मिका मंदाना के साथ नजर आएंगे। यह ब्रिटिश काल (1854-1878) पर आधारित एक ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा है, जिसमें विजय एक निडर स्वतंत्रता सेनानी ‘रणबाली’ की भूमिका में हैं। फिल्म में हॉलीवुड अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू विलेन के रोल में हैं।
रौडी जनार्दन (Rowdy Janardhana): दिसंबर 2026 में रिलीज होने वाली यह फिल्म एक ‘ग्रामीण एक्शन’ एंटरटेनर है।
भूमिका: विजय इसमें कीर्ति सुरेश के साथ नजर आएंगे। फिल्म का बैकड्रॉप रायलसीमा का है और इसमें विजय का ‘रौडी’ अंदाज एक नए और दमदार अवतार में दिखेगा।
जन गण मन (JGM): निर्देशक पुरी जगन्नाथ के साथ उनकी यह महात्वाकांक्षी फिल्म एक बार फिर चर्चा में है। इसमें विजय एक सैनिक (Soldier) की भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।
SVC59 (रवि किरण कोला के साथ): यह एक ‘रूरल एक्शन ड्रामा’ है जिसकी टैगलाइन “Rage is Romance” (गुस्सा ही रोमांस है) ने पहले ही बहुत सुर्खियां बटोरी हैं।
कल्कि 2: ‘कल्कि 2898 AD’ के पहले भाग में ‘अर्जुन’ के रूप में उनके कैमियो को बहुत सराहा गया। उम्मीद है कि फिल्म के सीक्वल में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण और लंबी होगी।
प्रोडक्शन हाउस का विस्तार: विजय अपने बैनर ‘King of the Hill’ के जरिए नए और अनोखे विषयों वाली फिल्मों को प्रोड्यूस करने की योजना बना रहे हैं, ताकि साउथ सिनेमा को ग्लोबल स्तर पर और पहचान मिल सके।
विरासत और प्रभाव
- ‘बाहरी’ लोगों के लिए प्रेरणा (Outsider Icon) :
विजय की सबसे बड़ी विरासत यह है कि उन्होंने साबित कर दिया कि बिना किसी “फिल्मी खानदान” या “गॉडफादर” के भी भारतीय सिनेमा पर राज किया जा सकता है।
उन्होंने मध्यमवर्गीय युवाओं को यह यकीन दिलाया कि मेहनत और प्रतिभा से किसी भी किले को फतह किया जा सकता है।
- ‘बागी’ नायक की नई परिभाषा :
पुराने समय में हीरो को हमेशा ‘परफेक्ट’ और ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ दिखाया जाता था। विजय ने ‘अर्जुन रेड्डी’ के जरिए एक ऐसा नायक पेश किया जो गलतियां करता है,
जिसका स्वभाव बागी है और जो अपनी भावनाओं को छुपाता नहीं है। इस “एंग्री यंग मैन” के नए अवतार ने पूरे भारतीय सिनेमा की कहानी कहने के ढंग को बदल दिया।
- ‘रॉडी’ कल्चर और फैन बेस :
विजय ने सिर्फ प्रशंसक (Fans) नहीं बनाए, बल्कि एक ‘रॉडी’ कल्चर पैदा किया। उन्होंने अपने प्रशंसकों को ‘रॉडीज़’ कहकर एक पहचान दी, जिससे युवा खुद को एक बड़े समुदाय का हिस्सा महसूस करने लगे। आज ‘रॉडी’ शब्द केवल एक नाम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और निडरता का प्रतीक बन चुका है।
- साउथ और नॉर्थ के बीच का पुल :
विजय उन पहले कुछ सितारों में से एक हैं जिन्होंने ‘पैन-इंडिया’ (Pan-India) स्टार बनने की नींव रखी।
उनके स्टाइल और एटीट्यूड की वजह से हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है, जिससे दक्षिण भारतीय सिनेमा को पूरे देश में अधिक सम्मान और स्वीकार्यता मिली।
- सामाजिक जिम्मेदारी (The Deverakonda Foundation) :
उनकी विरासत सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं है। संकट के समय हजारों परिवारों की मदद करना और अपनी शादी के तुरंत बाद 44 स्कूलों को गोद लेना यह दर्शाता है कि वे अपनी सफलता को समाज के साथ साझा करने में विश्वास रखते हैं।
वे एक ऐसे स्टार के रूप में याद किए जाएंगे जिन्होंने अपनी शोहरत का इस्तेमाल दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया।
विवाद
विजय देवरकोंडा का बेबाक और निडर स्वभाव अक्सर उन्हें विवादों में भी ले आता है।
- आदिवासी समुदाय पर विवादित बयान (2025-26) :
यह उनके जीवन का सबसे हालिया और बड़ा विवाद रहा। अप्रैल 2025 में एक फिल्म इवेंट के दौरान विजय ने आतंकवाद की तुलना “500 साल पुराने आदिवासी युद्धों” से कर दी थी।
परिणाम: इस बयान से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि, विजय ने बाद में सफाई दी कि उनका इरादा किसी का अपमान करना नहीं था और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।
‘अर्जुन रेड्डी’ और महिला विरोधी (Misogyny) होने का आरोप :
साल 2017 में फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ की रिलीज के समय उन पर आरोप लगा कि यह फिल्म महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती है।
विवाद: फिल्म में थप्पड़ मारने वाले सीन को लेकर काफी आलोचना हुई। विजय ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि यह “दो लोगों के बीच का गहरा प्यार” है,
जिस पर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिनेत्रियों (जैसे पार्वती थिरुवोथु) ने आपत्ति जताई थी।
‘लाइगर’ प्रमोशन और पैरों को टेबल पर रखना :
फिल्म ‘लाइगर’ के प्रमोशन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय ने अपने पैर सामने वाली टेबल पर रख लिए थे।
विवाद: लोगों ने इसे उनका “अहंकार” और पत्रकारों का अपमान माना। विजय ने बाद में स्पष्ट किया कि वे केवल एक नर्वस पत्रकार को सहज (Comfortable) महसूस कराने के लिए ऐसा कर रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया।
ऑनलाइन सट्टेबाजी (Betting) ऐप्स का प्रचार :
नवंबर 2025 में, विजय देवरकोंडा से CID ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के मामले में पूछताछ की थी। उन पर आरोप था कि वे ऐसी ऐप्स का प्रचार कर रहे हैं जो युवाओं के लिए वित्तीय जोखिम पैदा करती हैं।
‘The’ शब्द का इस्तेमाल और ट्रोलिंग :
विजय ने अपने नाम के आगे ‘The’ (जैसे: The Vijay Deverakonda) लगाना शुरू किया, जिसे कई लोगों ने “दिखावा” और “घमंड” कहा।
उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि वे खुद को किसी ‘टैग’ में नहीं बांधना चाहते, इसलिए उन्होंने इसे चुना।
फिल्म ‘लाइगर’ की फंडिंग को लेकर ED की पूछताछ :
साल 2022 के अंत में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फिल्म ‘लाइगर’ में विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर उनसे घंटों पूछताछ की थी।
जांच इस बात की थी कि कहीं फिल्म में लगा पैसा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहा।
विजय देवरकोंडा के बारे में दिलचस्प बातें :
1.इस साल की सबसे बड़ी शादी (2026) :
शादी की तारीख: विजय देवरकोंडा ने 26 फरवरी 2026 को अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर और मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के साथ उदयपुर में शादी की।
दोहरी रस्में: उन्होंने विजय के परिवार की परंपरा के अनुसार सुबह ‘तेलुगु’ रीति-रिवाजों और शाम को रश्मिका के सम्मान में ‘कोडावा’ (Coorgi) रस्मों के साथ सात फेरे लिए।
हैदराबाद रिसेप्शन: 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन दिया गया, जिसमें अल्लू अर्जुन, राम चरण और चिरंजीवी जैसे बड़े सितारों ने शिरकत की।
2. नया ‘विश्व रिकॉर्ड’ (Social Media) :
विजय और रश्मिका के ‘मान्यवर’ (Manyavar) विज्ञापन ने एक नया ग्लोबल रिकॉर्ड बनाया है।
यह विज्ञापन इंस्टाग्राम पर दुनिया का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला (Most Liked) विज्ञापन बन गया है। इसने लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के मशहूर ‘लुई विटन’ विज्ञापन (8.1 मिलियन लाइक्स) को पीछे छोड़ते हुए 8.2 मिलियन से ज्यादा लाइक्स हासिल किए हैं
3. समाज सेवा: शिक्षा का बड़ा कदम :
अपनी शादी की खुशी में, विजय ने अपने पैतृक गांव थम्मनपेटा का दौरा किया और एक बड़ी घोषणा की।
स्कॉलरशिप प्रोग्राम: उन्होंने तेलंगाना के 44 सरकारी स्कूलों के कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति (Scholarship) शुरू की है, ताकि गरीब बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सके।
4. आदिवासी समुदाय पर विवादित बयान (2025-26) :
यह उनके जीवन का सबसे हालिया और बड़ा विवाद रहा। अप्रैल 2025 में एक फिल्म इवेंट के दौरान विजय ने आतंकवाद की तुलना “500 साल पुराने आदिवासी युद्धों” से कर दी थी।
परिणाम: इस बयान से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई।
हालांकि, विजय ने बाद में सफाई दी कि उनका इरादा किसी का अपमान करना नहीं था और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।
5. ‘अर्जुन रेड्डी’ और महिला विरोधी (Misogyny) होने का आरोप :
साल 2017 में फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ की रिलीज के समय उन पर आरोप लगा कि यह फिल्म महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती है।
विवाद: फिल्म में थप्पड़ मारने वाले सीन को लेकर काफी आलोचना हुई। विजय ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि यह “दो लोगों के बीच का गहरा प्यार” है,
जिस पर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिनेत्रियों (जैसे पार्वती थिरुवोथु) ने आपत्ति जताई थी।
आरुषि शर्मा इस बायोग्राफी की लेखिका हैं।
यह भी पढ़ें:- रश्मिका मंदाना बायोग्राफी: कूर्ग की गलियों से ‘नेशनल क्रश’ और ‘मिसेज देवरकोंडा’ बनने तक का सफर

