कर्नाटक में वेंकटेश को मजहबी भीड़ ने पीटा: कर्नाटक के कोप्पल जिले से सामने आई यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी गलतफहमी और भीड़ की मानसिकता किस तरह एक निर्दोष इंसान की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है।
इस मामले में एक हिंदू युवक को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीट दिया गया, क्योंकि वह एक मुस्लिम महिला और उसके बच्चों की मदद कर रहा था।
पीड़ित युवक का नाम वेंकटेश है। वह कोप्पल जिले के एक इलाके में रहता है और पिछले करीब 15 वर्षों से उसका और उसके पड़ोसी अजीज के परिवार का आपस में अच्छा संबंध रहा है।
दोनों परिवार एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। इसी भरोसे और इंसानियत के नाते वेंकटेश इस पूरे मामले में शामिल हुआ।
मजहबी और उसकी पत्नी के बीच हुआ झगड़ा
कर्नाटक में वेंकटेश को मजहबी भीड़ ने पीटा: कुछ दिन पहले अजीज और उसकी पत्नी आफिया के बीच घरेलू विवाद हो गया था। झगड़ा इतना बढ़ गया कि आफिया अपने बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई।
परिवार टूटने की स्थिति बन गई थी। ऐसे में अजीज ने खुद वेंकटेश से मदद मांगी।
उसका कहना था कि वह चाहता है कि उसकी पत्नी और बच्चे सुरक्षित वापस घर लौट आएं और मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाए।
मजहबी भीड़ ने बनाया निशाना
अजीज के कहने पर वेंकटेश आफिया और बच्चों को समझाने के लिए बस स्टैंड गया। उसका इरादा साफ था।
महिला और बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाना और परिवार को दोबारा जोड़ने में मदद करना,
लेकिन बस स्टैंड पर मौजूद कुछ मुस्लिम युवकों ने वेंकटेश को आफिया और बच्चों के साथ देखकर बिना पूरी बात जाने गलत अंदाजा लगा लिया।
इन युवकों ने यह मान लिया कि वेंकटेश का महिला के साथ कोई गलत रिश्ता है। बिना सच्चाई जाने, बिना किसी से पूछताछ किए, उन्होंने वेंकटेश पर हमला कर दिया।
देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और वेंकटेश को बेरहमी से पीटा जाने लगा। इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं। यही नहीं, हमलावरों ने उसका मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली।
वेंकटेश को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल वेंकटेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस जांच में साफ हो गया कि वेंकटेश किसी भी तरह के गलत या गैरकानूनी काम में शामिल नहीं था। वह केवल इंसानियत के नाते मदद करने गया था।
कोप्पल के पुलिस अधीक्षक राम एल. अरासिद्धि ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने डकैती और अपहरण से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।
अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,
ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना समाज के लिए एक कड़वा सबक है। बिना सच्चाई जाने किसी पर हमला करना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इंसानियत के खिलाफ भी है।
वेंकटेश जैसे लोग, जो समाज में आपसी भरोसे और भाईचारे को मजबूत करते हैं, अगर उन्हीं को हिंसा का शिकार होना पड़े, तो यह बेहद चिंता की बात है।

