उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जसपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुई एक आपत्तिजनक घटना ने इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना दिया।
बताया जा रहा है कि अब्दुलवारी चौक के पास एक मकान की छत से कुछ बच्चों ने कांवड़ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर खाली पैकेट और लकड़ियाँ फेंकीं।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्थानीय स्तर पर लोगों में नाराज़गी फैल गई।
चूंकि यह घटना धार्मिक आस्था से जुड़े समय पर हुई, इसलिए संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गई।
दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए
उत्तराखंड: वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुँचे और कार्रवाई की मांग करने लगे। इनमें कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल थे।
दूसरी ओर दूसरे समुदाय के लोग भी स्थिति जानने के लिए वहाँ जमा हो गए। कुछ समय के लिए दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल गरमाने लगा।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को शांत कराया। प्रशासन का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
अभिभावकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बच्चों और उनके अभिभावकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
घटना की जांच शुरू कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस मामले पर स्थानीय नेता शीतल जोशी ने घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की। प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने को कहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाएँ माहौल खराब कर सकती हैं, इसलिए केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना सबसे पहली प्राथमिकता है और इसके लिए सामुदायिक संवाद भी किया जा रहा है।
सामाजिक और धार्मिक नेताओं से भी अपील की गई है कि वे लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रेरित करें।
फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन सतर्क है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों और क्षेत्र में सामान्य माहौल बना रहे।

