Uttar Pradesh: आगरा के शाह गंज में साइबर फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है। एक महिला को व्हाट्सएप्प पर कॉल आया जिसमें खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए ठग ने कहा कि “आपकी बेटी सेक्स रैकेट में पकड़ी गयी है, मामला रफा-दफा करना चाहती हैं तो 15 मिनट के अंदर एक लाख रुपये भेजो, अगर नहीं भेजे तो हम आपकी बेटी कि ये वीडियो वायरल कर देंगे।”
महिला घबराई, हुई मौत
आगरा के शाहगंज में साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां टीचर मालती वर्मा को वॉट्सऐप पर कॉल कर ठगों ने उनकी बेटी के सेक्स रैकेट में फंसे होने की झूठी जानकारी दी। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और मामले को रफा-दफा करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की।मालती को इस फेक कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। इस धमकी भरे कॉल से वो डर गयी।
घबराहट में मालती ने अपने बेटे दीपांशु से तुरंत पैसे भेजने को कहा। दीपांशु को कॉल पर शक हुआ और उसने अपनी मां को समझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक मालती जी सदमे में चली गईं और उनकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उनको हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गयी।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
बता दें कि डिजिटल अरेस्ट साइबर क्राइम का एक नया तरीका है जहां ठग खुद को सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करते है। साथ ही उनको मेंटली टार्चर भी किया जाता है। ऐसे फ्रॉड्स से सावधान रहे और जब आपके साथ ऐसी कोई घंटना हो तुरत नजदीकी पुलिस स्टेशन से कांटेक्ट करें। या फिर 1930 पर कॉल करके तुरंत जानकारी दें। आप साइबर क्राइम की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।