Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के रोजा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मानपुर चचरी गांव में एक पिता ने अपने ही चार बच्चों की बेरहमी से हत्या कर खुदकुशी कर ली। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला चुकी है।
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“सबको मारके फिर खुद मर जाऊंगा” अकसर कहता था राजीव
Uttar Pradesh: घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति का नाम राजीव है, जो पहले भी आत्महत्या करने की पांच बार कोशिश कर चुका था, लेकिन हर बार उसकी पत्नी क्रांति उसे रोक लेती थी। वह अक्सर अपने घरवालों और पड़ोसियों से कहता था कि एक दिन वह अपने बच्चों और पत्नी को मारकर खुद भी मर जाएगा।
पत्नी क्रांति को इस खतरे का अहसास था, इसलिए जब भी राजीव घर लौटता, वह उसकी जेबें और झोले की तलाशी लेती थी। इससे पहले भी उसने राजीव के पास से सल्फास की गोलियां बरामद कर उन्हें तालाब में फेंक दिया था।
क्या खाने में मिलाया था नशीला पदार्थ?
Uttar Pradesh: गुरुवार की सुबह जब यह वारदात सामने आई, तो कई सवाल खड़े हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह था कि जब राजीव ने अपने बच्चों की हत्या की, तब उनमें से कोई जागा क्यों नहीं? क्योंकि अगर जरा सी भी आहट होती है तो आंख खुल जाती है। लेकिन जब राजीव अपने बच्चों का गाला रेट रहा था एक की भी नींद नहीं टूटी।
ये इत्तेफाक तो नहीं होगा। ऐसा नहीं है कि घर में चूल्हा नहीं जला था। खाना बना था, भगोने में दाल, दूसरे बर्तन में दाल राखी थी। लेकिन खाना खाने वाला एक भी बर्तन झूठा नहीं था। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर राजीव ने बच्चों ऐसा क्या खिलाया जिससे उनकी नींद नहीं टूटी।
इससे यह आशंका जताई जा रही है कि राजीव ने खाने में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे बच्चे गहरी नींद में चले गए और उनकी हत्या करते समय किसी को आहट तक नहीं हुई।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
Uttar Pradesh: राजीव ने सबसे पहले अपनी सबसे बड़ी बेटी स्मृति की हत्या की, जो उसके पास ही चारपाई पर सो रही थी। इसके बाद उसने कीर्ति और प्रगति की भी गला रेतकर हत्या कर दी। सबसे आखिर में उसने अपने बेटे रिषभ का गला काटा।
चारों बच्चों की हत्या करने के बाद राजीव ने छुरा बेटे रिषभ की लाश के पास रख दिया और फिर खुद अपने कमरे में जाकर छत के कुंडे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
अगर क्रांति घर पर होती तो क्या बच जाती जानें?
Uttar Pradesh: घटना के समय राजीव की पत्नी क्रांति अपने मायके गई हुई थी। अगर वह घर पर होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। हालांकि, यह भी संभव था कि राजीव क्रांति की भी हत्या कर देता।
राजीव मानसिक रूप से काफी परेशान था और उसे अपने बच्चों के भविष्य की चिंता थी। वह सोचता था कि उसके मरने के बाद बच्चे भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे। इसी सोच ने उसे इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।
इलाके में शोक और दहशत का माहौल
इस भयावह वारदात से पूरे गांव में मातम छा गया है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि राजीव ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों को नशीला पदार्थ खिलाया गया था या नहीं।