Union Budget 2026: देश का आम बजट आखिरकार सामने आ गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के कार्यकाल का लगातार नौवां बजट लोकसभा में पेश किया।
यह बजट मोदी 3.0 के तीसरे कार्यकाल का हिस्सा है और इसमें कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा, मिडिल क्लास और उद्योग सभी पर ध्यान दिया गया है।
आइए विस्तार से जानते हैं इस बजट के अहम बिंदु और यह कैसे हर वर्ग को प्रभावित करेगा।
मिडिल क्लास के लिए राहत
मिडिल क्लास की अपेक्षाएं इस बार पूरी नहीं हुईं। लोगों को उम्मीद थी कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हालांकि, कुछ छोटे-छोटे बदलावों से उनकी जेब पर असर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाओं पर सीमा शुल्क खत्म किया गया है।
इसके अलावा, जूते, स्मार्टफोन, चप्पल और अन्य रोजमर्रा की चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटने से मिडिल क्लास के लिए सामान सस्ता होगा।
MSMEs पर सरकार का जोर
लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देना बजट का एक बड़ा हिस्सा रहा।
सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड लॉन्च किया है, जिससे छोटे उद्योगों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की कोशिश की जाएगी।
इसका मकसद “चैंपियन MSMEs” तैयार करना है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और रोजगार के अवसर बढ़ें।
हेल्थ और मेडिकल सेक्टर को नई दिशा
स्वास्थ्य क्षेत्र को इस बजट में विशेष महत्व दिया गया। पांच मेडिकल हब में प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सर्विसेज और रिहैबिलिटेशन केंद्र विकसित किए जाएंगे।
इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाने पर जोर है।
बायो फार्मा स्कीम की शुरुआत से बायोटेक और फार्मास्यूटिकल कंपनियों को लाभ मिलेगा।
किसानों के लिए नए अवसर
किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए इस बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, नारियल और चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना से करीब 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर निर्णय लेने में मदद के लिए AI एग्री टूल पेश किया जाएगा।
रक्षा क्षेत्र में बड़ी तैयारी
रक्षा मंत्रालय को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसमें 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखा गया है, जो पिछले वर्ष 1.80 लाख करोड़ रुपये था।
यह संकेत है कि सरकार सेना के आधुनिकीकरण और आधुनिक हथियारों पर फोकस कर रही है।
Operation Sindoor की सफलताओं के बाद रक्षा क्षेत्र को नई शक्ति देने की दिशा स्पष्ट है।
खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा
खेलों के क्षेत्र को भी इस बजट में जगह मिली। खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत बनाने का ऐलान किया गया।
इसके तहत ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं व लीगों का आयोजन होगा।
साथ ही खेल के सामानों पर ड्यूटी कटौती से खिलाड़ियों और खिलाड़ियों के परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
महिलाओं के लिए नए रास्ते
ग्रामीण महिलाओं के लिए SHE-मार्ट्स शुरू किए जाएंगे।
ये मार्केटप्लेस महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने का अवसर देंगे और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
इसके अलावा, लखपति दीदी योजना की सफलता का जिक्र करते हुए सरकार ने छात्राओं के लिए 800 हॉस्टल बनाने का ऐलान किया, जिससे शिक्षा में सुधार होगा और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ेगी।
विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च पर राहत
विदेश में पढ़ाई और चिकित्सा पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए सरकार ने TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी है।
इसका मतलब यह है कि विदेश में शिक्षा या मेडिकल खर्च करना अब सस्ता हो जाएगा। यह सुविधा सिर्फ शैक्षणिक और स्वास्थ्य खर्चों पर लागू होगी।
शेयर बाजार निवेशकों को झटका
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए यह बजट थोड़ी निराशा लेकर आया।
सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाकर 0.1% से 0.15% कर दिया।
इसका असर शेयर बाजार पर तुरंत दिखा और निवेशकों के लगभग 8 लाख करोड़ रुपये प्रभावित हुए।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए EMS (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछले साल यह बजट 19,500 करोड़ रुपये था।
PLI स्कीम की फंडिंग डबल करने से इस सेक्टर में कंपनियों को तेजी से विस्तार और निवेश करने का अवसर मिलेगा।
बजट का समग्र प्रभाव
इस बजट में किसान, जवान, खिलाड़ी, महिलाओं और मिडिल क्लास सभी पर ध्यान दिया गया है।
हालांकि मिडिल क्लास को सीधे कर लाभ नहीं मिला, लेकिन कस्टम ड्यूटी कट और जरूरी दवाओं पर छूट के माध्यम से राहत दी गई है।
MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए फंड आवंटन ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
रक्षा, स्वास्थ्य और खेल क्षेत्रों में निवेश ने इन सेक्टरों को नई ऊर्जा दी है।
वहीं, किसानों के लिए AI टूल्स और प्रोत्साहन योजनाओं ने कृषि क्षेत्र में उत्पादन और लाभ बढ़ाने की दिशा दिखा दी है।
कुल मिलाकर, Union Budget 2026 सरकार की कोशिश को दर्शाता है कि हर वर्ग को आधुनिक भारत में आगे बढ़ाने के लिए नीति और निवेश दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है।

