ट्रंप–ममदानी मुलाकात पर थरूर का संकेत: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी के बीच हुई मुलाकात की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र की असली खूबसूरती चुनाव बाद सहयोग में है।
चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच जमकर बयानबाज़ी हुई थी, लेकिन व्हाइट हाउस में उनकी मुलाकात बेहद सकारात्मक माहौल में हुई।
इसी को आधार बनाकर थरूर ने यह संदेश दिया कि भारत की राजनीति में भी यही परिपक्वता देखने को मिलनी चाहिए।
“चुनाव लड़ो पूरे जोश से, पर नतीजों के बाद मिलकर काम करो”, थरूर
ट्रंप–ममदानी मुलाकात पर थरूर का संकेत: थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में विचारों के लिए पूरी ऊर्जा के साथ लड़ाई होनी चाहिए, लेकिन जैसे ही जनता अपना फ़ैसला सुना दे, सभी नेताओं को देशहित में साथ आने की कला सीखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ट्रंप और ममदानी दोनों ने जनता की सेवा की प्रतिबद्धता दिखाते हुए सहयोग का संकेत दिया है।
थरूर ने यह भी जोड़ा कि वह भारत में भी ऐसे राजनीतिक समीकरण और स्वस्थ वातावरण के निर्माण के प्रयास कर रहे हैं।
ट्रंप ने ममदानी को बताया “उत्कृष्ट मेयर”, बातचीत को बताया उत्पादक
ट्रंप–ममदानी मुलाकात पर थरूर का संकेत: मुलाकात के बाद ट्रंप ने मेयर ममदानी की खुलकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि यह मीटिंग बेहद उत्पादक रही और न्यूयॉर्क को एक शानदार मेयर मिलने जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि डेमोक्रेट नेता ममदानी बेहतरीन प्रदर्शन देंगे और उन लोगों को भी चौंका देंगे जो उन्हें कम आंकते हैं।
जब एक पत्रकार ने ममदानी से पूछा कि क्या ट्रंप ‘फासिस्ट’ हैं, तो ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि मेयर सीधे ‘हां’ कह सकते हैं, उन्हें कोई आपत्ति नहीं।
इससे माहौल हल्का हो गया और दोनों नेताओं के बीच सहजता दिखाई दी।
कांग्रेस में अक्सर चर्चा का कारण बनते हैं थरूर के बयान
ट्रंप–ममदानी मुलाकात पर थरूर का संकेत: शशि थरूर अपने कई बयानों से पहले भी कांग्रेस के भीतर हलचल पैदा कर चुके हैं। कई बार वे पार्टी लाइन से हटकर विचार रखते हैं।
कुछ समय पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रामनाथ गोयनका व्याख्यान की प्रशंसा की थी, यह कहते हुए कि भाषण आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक संदेश, दोनों रूपों में महत्वपूर्ण था।
उन्होंने यह भी बताया कि बीमारी के बावजूद वह भाषण सुनने पहुंचे और उन्हें खुशी हुई।
हालांकि, कांग्रेस के कई नेताओं ने इस पोस्ट की आलोचना की। संदीप दीक्षित ने उन्हें ‘पाखंडी’ कहा, जबकि सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उन्हें पीएम के भाषण में सराहना योग्य कुछ भी नहीं लगा।
राजनीति में दुश्मनी नहीं, संवाद ज़रूरी
ट्रंप–ममदानी की मुलाकात पर थरूर की प्रतिक्रिया सिर्फ प्रशंसा नहीं बल्कि भारत की राजनीति के लिए एक संकेत भी मानी जा रही है। वे बार-बार इस बात पर ज़ोर देते रहे हैं कि लोकतंत्र में चुनावी लड़ाई अलग बात है, लेकिन शासन और देशहित के लिए संवाद, सहयोग और साझेदारी आवश्यक हैं।

