Saturday, March 7, 2026

मुंबई में आतंकी साजिश का पर्दाफाश: जैश-ए-मोहम्मद का स्लीपर सेल गिरफ्तार

मुंबई में आतंकी साजिश का पर्दाफाश: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के गोवंडी इलाके से 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख को गिरफ्तार किया है।

अयान पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed (JeM) और आईएसआईएस (ISIS) के लिए Sleeper Agent के तौर पर काम करने का गंभीर आरोप है।

एटीएस की इस स्ट्राइक ने महानगर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के Online and Offline Recruitment मॉड्यूल को उजागर कर दिया है।

युवाओं को कट्टरपंथ से थी जोड़ने की योजना

ATS Investigation में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अयान शेख पिछले छह महीनों से मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद के लिए सक्रिय था।

जांच एजेंसी के अनुसार, Terrorist Organization ने उसे विशेष रूप से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने और नए लोगों की भर्ती करने की जिम्मेदारी दी थी।

अयान अपने साथ पढ़ने वाले छात्रों और करीबी दोस्तों को निशाना बनाता था। वह लगातार उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी विचारधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहा था।

करीबी दोस्तों को बनाया शिकार

मुंबई में आतंकी साजिश का पर्दाफाश: अयान शेख नवी मुंबई के एक प्रतिष्ठित Engineering College में पढ़ता था, जहां उसने अपने ही दो सहपाठियों को कट्टरपंथ के जाल में फंसा लिया था।

जांच में सामने आया है कि अयान ने इन दोनों छात्रों को इस कदर प्रभावित कर दिया था कि वे देश छोड़कर बाहर जाने और आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने की योजना बनाने लगे थे।

हालांकि, समय रहते एटीएस ने हस्तक्षेप किया और दोनों छात्रों के बयान दर्ज किए। फिलहाल इन छात्रों की सक्रिय भागीदारी के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन अयान द्वारा उन पर बनाए गए दबाव की पुष्टि हुई है।

डिजिटल डिवाइस से मिला आतंकी रोडमैप

मुंबई के कुर्ला, गोवंडी और शिवाजी नगर इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान एटीएस ने अयान के पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में एक डिजिटल रोडमैप मिला है। अयान के फोन से जैश प्रमुख मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो-वीडियो क्लिप और कई ऐसी चैट मिली हैं, जो साबित करती हैं कि वह सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था।

वह टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करता था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।

विदेशों से मिल रही थी फंडिंग

एटीएस को जांच के दौरान विदेशी फंडिंग के पुख्ता संकेत मिले हैं। यह पता चला है कि अयान को इस नेटवर्क को चलाने और युवाओं को जोड़ने के लिए पाकिस्तान और सऊदी अरब से पैसे भेजे जा रहे थे।

खास बात यह है कि यह लेनदेन बैंकिंग चैनलों के बजाय क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया जा रहा था ताकि मनी ट्रेल को छुपाया जा सके।

एजेंसी अब उसके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी रकम मिली और उसका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

भारत ही नहीं, विदेशों से भी जुड़े थे कनेक्शन

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अयान शेख जिन एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स का हिस्सा था, उनमें न केवल भारत के अलग-अलग राज्यों के युवा शामिल थे, बल्कि कई विदेशी नागरिक और संदिग्ध फैसिलिटेटर भी जुड़े हुए थे।

एटीएस ने इस Global Terror Link से जुड़ी जानकारी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों (Intel Agencies) के साथ साझा की है।

आशंका जताई जा रही है कि अयान इस बड़े ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क की सिर्फ एक कड़ी है और आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों से भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

कानूनी कार्रवाई जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयान शेख के खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की धारा 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि उसे Special Court में पेश किया गया, जहां से उसे 9 मार्च तक ATS Custody में भेज दिया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस Terror Module के अन्य सदस्यों और भविष्य की बड़ी साजिशों (Terrorist Plots) के बारे में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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