सोनम वांगचुक: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन ने नया मोड़ ले लिया है।
21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई।
इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया।
इस दौरान मंच पर बोलते-बोलते वह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंच पर भावुक हुए अभिजीत दीपके
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद जंतर-मंतर पर माहौल काफी भावुक हो गया। मंच से संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वह आंदोलन को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे।
उन्होंने घोषणा की कि अब वह स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं।
अपने संबोधन में दीपके ने लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा मुद्दा है।
भाषण के दौरान वह भावुक हो गए, आंखों में आंसू आ गए और कुछ देर तक बोल नहीं सके। मंच पर मौजूद उनके एक साथी ने उन्हें गले लगाकर हिम्मत दी।
लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील
अभिजीत दीपके ने समर्थकों से अपील की कि वे पीछे न हटें और बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करें।
उन्होंने कहा कि आंदोलन पहले से भी अधिक मजबूत होगा और तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च भी निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है और इसे जारी रखा जाएगा।
21वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे। लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत खराब होने लगी।
स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वांगचुक की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का फैसला उनकी बिगड़ती सेहत और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल सलाह का पालन करते हुए उठाया गया।
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने बताया कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया गया।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया।
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस का रवैया उचित नहीं था।
हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आंदोलन पर सबकी नजर
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने और अभिजीत दीपके द्वारा नई भूख हड़ताल शुरू करने के बाद जंतर-मंतर का यह आंदोलन फिर चर्चा में आ गया है।
एक ओर वांगचुक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक आंदोलन को जारी रखने की बात कह रहे हैं।
आने वाले दिनों में 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

