Thursday, April 3, 2025

Smriti Irani: अमेठी से चुनाव हारने के बाद कहाँ गायब हैं स्मृति ईरानी? कांग्रेस ने साधा निशाना

Smriti Irani: उत्तर प्रदेश के अमेठी में मेदन मवई गांव के खेतों के बीच एक विशेष घर खड़ा है। इसकी दीवारों पर भगवान राम, हनुमान और सीता हरण की पेंटिंग सजी हैं। यह प्रसिद्ध घर पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का है, जो अब जून 2024 से खाली पड़ा है। यह घर, जो कभी अमेठी की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, अब निर्जन दिखाई देता है।

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Smriti Irani: 2014 से आईं चुनावी मैदान में

स्मृति ईरानी का अमेठी से राजनीतिक सफर 2014 में शुरू हुआ, जब वे पहली बार यहां से चुनाव लड़ीं। उस समय वे राहुल गांधी से लगभग एक लाख वोटों से हार गईं। हालांकि, हार के बावजूद उन्होंने अमेठी से अपना नाता नहीं तोड़ा। यह दृढ़ता 2019 के लोकसभा चुनाव में रंग लाई, जब उन्होंने गांधी परिवार के परंपरागत क्षेत्र में राहुल गांधी को हराकर इतिहास रच दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा था, “अमेठी को मैं अपना घर मानती हूं। लोगों ने सांसद नहीं, दीदी को चुना है।”

दीदी आपके द्वार

सांसद बनने के बाद स्मृति ने ‘दीदी आपके द्वार’ अभियान शुरू किया, जिससे भाजपा कार्यकर्ता उन्हें प्यार से ‘दीदी’ कहने लगे। उन्होंने अमेठी में न केवल अपना घर बनवाया बल्कि यहां की मतदाता भी बन गईं। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद परिदृश्य बदल गया।

अब स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता अपनी ‘दीदी’ के लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं। ध्रुवराज नामक एक कार्यकर्ता कहते हैं, “चुनाव के वक्त एक महीना यहीं थीं। रिजल्ट आने के बाद नहीं आईं। हमें लगा था कि महाकुंभ में आएंगी, तब यहां भी आएंगी। दीदी को अच्छा लगे, इसलिए फूलों वाले पौधे पहले से लगा दिए थे, ताकि जब तक वे आएं, फूल खिलने लगें। देखिए कितने फूल खिले हैं। अब देखिए, दीदी कब आती हैं।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि राहुल गांधी लोगों से नहीं मिलते थे, इसलिए वे हार गए। अब वही स्थिति स्मृति ईरानी के साथ दिखाई दे रही है, जो चुनाव हारने के बाद से अमेठी नहीं लौटी हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, स्मृति ईरानी ने राहुल की हार से कोई सबक नहीं लिया है।

अमेठी से दिखावे का रिश्ता

कांग्रेस के जिला प्रवक्ता दिवस ने कहा “स्मृति ईरानी ने अमेठी से सिर्फ दिखावे का रिश्ता जोड़ा था। चुनाव हारते ही वह यहां से दूर हो गईं। सुनने में आ रहा है कि अब वह अपना घर भी बेच रही हैं। 2014 में कुमार विश्वास ने भी अमेठी को अपना घर बताया था, लेकिन जनता ने ऐसे ‘घरवालों’ को नकार दिया।”

अमेठी युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा, “स्मृति ईरानी को पता है कि अब यहां उनके लिए कोई जगह नहीं बची है। उनके घर का पूरा सामान जा चुका है।”
जब बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के इन दावों पर स्मृति ईरानी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। उनके पीए संदीप कुमार से सवाल पूछे गए, जिन पर उन्होंने जवाब दिया, “मैडम अभी जवाब नहीं दे सकतीं। वे दिल्ली में नहीं, बल्कि जयपुर में हैं।”

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Madhuri Sonkar
Madhuri Sonkarhttps://reportbharathindi.com/
ETV Bharat में एक साल ट्रेनिंग कंटेंट एडिटर के तौर पर काम कर चुकी हैं। डेली हंट और Raftaar News में रिपोर्टिंग, V/O का अनुभव। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और बॉलीवुड न्यूज पर अच्छी पकड़।
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