धूम्रपान और गंजापन: आज के दौर में बाल झड़ना सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी नहीं रहा। 20 से 35 साल के युवाओं में भी तेजी से हेयर फॉल और समय से पहले गंजापन देखने को मिल रहा है।
अक्सर लोग इसे जेनेटिक्स या स्ट्रेस से जोड़ते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स अब लाइफस्टाइल फैक्टर्स, खासकर धूम्रपान, को भी एक बड़ा कारण मान रहे हैं।
सिगरेट का असर सिर्फ फेफड़ों और दिल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आपके बालों की जड़ों को भी कमजोर कर सकता है।
कम उम्र में मेल पैटर्न गंजापन का बढ़ता खतरा
धूम्रपान और गंजापन: साल 2020 में पब्लिश एक रिसर्च में 20 से 35 वर्ष के पुरुषों पर अध्ययन किया गया, जिसमें स्मोकर्स और नॉन-स्मोकर्स की तुलना की गई।
यह स्टडी Wiley में प्रकाशित हुई थी। शोध में पाया गया कि धूम्रपान करने वालों में एंड्रोजेनेटिक एलोपेशिया यानी मेल पैटर्न गंजापन का खतरा कहीं अधिक था।
करीब 500 धूम्रपान करने वालों में से 425 लोगों में किसी न किसी स्तर पर बाल झड़ने की समस्या पाई गई, जबकि 500 नॉन-स्मोकर्स में यह संख्या लगभग 200 रही।
हेयर लॉस को मापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले Hamilton–Norwood scale के अनुसार, ग्रेड 3 में हेयरलाइन काफी पीछे चली जाती है और ग्रेड 4 में सिर के ऊपर का हिस्सा साफ दिखाई देने लगता है।
रिसर्च के मुताबिक, 47% स्मोकर्स ग्रेड 3 और 24% ग्रेड 4 तक पहुंच चुके थे, जबकि नॉन-स्मोकर्स में यह प्रतिशत काफी कम था।
निकोटिन और केमिकल्स का सीधा असर
सिगरेट में मौजूद निकोटिन और अन्य हानिकारक रसायन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
ये तत्व बालों की जड़ों तक पहुंचकर उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। जब हेयर फॉलिकल्स कमजोर होते हैं, तो बाल पतले होने लगते हैं और धीरे-धीरे गिरने लगते हैं।
धूम्रपान से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और उनमें प्लाक जमने लगता है। इससे सिर की त्वचा तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। नतीजतन, बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डीएनए डैमेज
स्मोकिंग शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है। इसका मतलब है कि फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जो शरीर की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जब यही असर बालों की जड़ों पर पड़ता है, तो उनका प्राकृतिक ग्रोथ साइकल बिगड़ जाता है।
तंबाकू का धुआं, प्रदूषण और तेज धूप भी इसी तरह की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं। अगर लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे, तो बाल पतले होने लगते हैं और हेयरलाइन पीछे हटती चली जाती है।
हार्मोन और इंफ्लेमेशन का संबंध
धूम्रपान शरीर में सूजन बढ़ाने वाले प्रोटीन को सक्रिय कर सकता है। इसके अलावा यह हार्मोनल बैलेंस को भी प्रभावित कर सकता है। कुछ एंजाइम्स जो बालों के ग्रोथ साइकल को नियंत्रित करते हैं, उनमें भी बदलाव देखा गया है। ये सभी कारक मिलकर गंजेपन की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।
क्या गंजेपन से बचा जा सकता है?
धूम्रपान और गंजापन: हालांकि जेनेटिक्स एक अहम भूमिका निभाता है, लेकिन लाइफस्टाइल में सुधार करके जोखिम को कम किया जा सकता है।
धूम्रपान छोड़ना न सिर्फ फेफड़ों और दिल के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह आपके बालों की सेहत के लिए भी जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट भी बालों की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
सिगरेट पीना सिर्फ कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा नहीं बढ़ाता, बल्कि यह आपकी हेयरलाइन को भी समय से पहले प्रभावित कर सकता है।
अगर आप अपने बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं, तो धूम्रपान से दूरी बनाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

