Wednesday, February 11, 2026

6 घंटे से कम नींद? आपका शरीर दे रहा है खतरे का संकेत, देर होने से पहले समझें पूरी बात

6 घंटे से कम नींद: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग नींद को “विकल्प” समझने लगे हैं, जबकि सच ये है कि नींद शरीर के लिए उतनी ही ज़रूरी है जितनी साँस लेना।

देर रात काम करना, थकान को सामान्य मान लेना और दिनभर कैफीन पर टिके रहना शरीर पर भारी पड़ सकता है।

शोध बताता है कि रोज़ाना 6 घंटे से कम सोना शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाता है—चाहे वह दिमाग हो, दिल, मेटाबॉलिज्म या इम्युनिटी।

कम नींद, सबसे पहले असर मेटाबॉलिज्म पर

6 घंटे से कम नींद: लगातार कम नींद लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ना शुरू हो जाता है।

  • भूख को नियंत्रित करने वाला हार्मोन लेप्टिन कम होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता।
  • घ्रेलिन बढ़ जाता है, जो भूख बढ़ाता है।
  • शरीर स्ट्रेस मोड में चला जाता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

कई रिसर्च में पाया गया है कि 5–6 घंटे सोने वालों में डायबिटीज और मोटापे का खतरा दोगुना हो जाता है।

याददाश्त, मूड और मानसिक संतुलन बिगड़ता है

6 घंटे से कम नींद: 6 घंटे से कम नींद लेने पर दिमाग से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते।
इससे—

  • याददाश्त कमजोर होती है
  • ध्यान कम होता है
  • फैसले लेने की क्षमता घटती है

लंबे समय में डिमेंशिया तक का जोखिम बढ़ सकता है। मूड पर इसका असर तुरंत पड़ता है, चिड़चिड़ापन, घबराहट और डिप्रेशन जैसे लक्षण उभरने लगते हैं।

इम्युनिटी कमजोर, बीमारियां जल्दी पकड़ती हैं

नींद वह समय है जब शरीर खुद की मरम्मत करता है।
6 घंटे से कम नींद लेने पर—

  • इम्युनिटी से जुड़े सैकड़ों जीन प्रभावित होते हैं
  • इंफेक्शन जल्दी होता है
  • रिकवरी धीमी हो जाती है
  • ग्रोथ हॉर्मोन और टिश्यू रिपेयर पर असर पड़ता है

यानी शरीर अंदर ही अंदर कमजोर होने लगता है।

समय से पहले मृत्यु का खतरा

कई बड़े अध्ययनों में यह चौंकाने वाला डेटा सामने आया है कि 5 घंटे या उससे कम सोने वालों में समय से पहले मौत का जोखिम लगभग 15% बढ़ जाता है।

कम नींद सिर्फ थकान नहीं—जीवनकाल पर भी असर डालती है।

कैसे पाएँ पूरी, गहरी और हेल्दी नींद?

बेहतर नींद के लिए ये आसान आदतें अपनाएं—

  • रोज़ एक ही समय पर सोएं और उठें
  • सोने से एक घंटे पहले मोबाइल-स्क्रीन से दूरी रखें
  • बेडरूम ठंडा, अंधेरा और शांत रखें
  • कैफीन शाम के बाद न पिएं
  • सोने से पहले भारी खाना या तेज रोशनी से बचें

नींद कोई सुविधा नहीं, शरीर की बुनियादी ज़रूरत है। कम सोने को “आदत” मत बनने दें, वरना शरीर उसकी भारी कीमत वसूलता है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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