Wednesday, April 2, 2025

Sexual Pleasures In Women: क्यों भारत में महिलाएं अपनी सेक्स लाइफ से संतुष्ट नहीं? क्या है असली वजह?

Author’s Personal Opinion

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Sexual Pleasures In Women: भारतीय समाज में महिलाओं को बचपन से ही सिखाया जाता है कि वे अपनी यौन इच्छाओं को खुलकर व्यक्त न करें। शादी के बाद भी, कई महिलाएं अपनी संतुष्टि को लेकर बात करने में झिझकती हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं यह उनकी छवि को गलत तरीके से न पेश कर दे या उनके रिश्ते पर नकारात्मक असर न डाले। यही कारण है कि अधिकांश महिलाएं असंतोष को स्वीकार तो करती हैं, लेकिन इस पर बात करने से बचती हैं।

Sexual Pleasures In Women: भारत में महिलाओं की यौन संतुष्टि से जुड़े कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारक हैं, जो उनके यौन जीवन को प्रभावित करते हैं। हाल ही में हुई रिसर्च बताती है कि आधी से ज्यादा युवा महिलाएं यौन असंतोष का शिकार हैं, लेकिन इस विषय पर खुलकर चर्चा करना अब भी समाज में वर्जित माना जाता है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हैं और इसे कैसे दूर किया जा सकता है।

क्या कहती है रिसर्च और रिपोर्ट्स

Sexual Pleasures In Women: इनमें से 20% महिलाओं को ‘फीमेल सेक्सुअल डिसफंक्शन’ (FSD) की समस्या होती है, जबकि 30% के करीब महिलाएं बिना किसी शारीरिक दिक्कत के भी अपनी सेक्स लाइफ को लेकर तनाव में रहती हैं। इस स्टडी में यह भी पता चला कि कई महिलाएं अपने शरीर की बनावट और लुक को लेकर खुद से ही असंतुष्ट रहती हैं, जिससे उनका यौन अनुभव भी प्रभावित होता है।

इसके अलावा, एक और रिसर्च में सामने आया है कि 81% भारतीय महिलाएं अपनी सेक्स लाइफ से असंतुष्ट हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि सिर्फ 3% पुरुषों को लगता है कि उनकी पार्टनर उनसे संतुष्ट नहीं है। यह आंकड़ा दिखाता है कि यौन संतोष (Sexual satisfaction) को लेकर महिलाओं और पुरुषों की सोच में कितना बड़ा फर्क है। इसी अंतर को ‘प्लेज़र गैप’ (Pleasure Gap) कहा जाता है, जहां पुरुषों की जरूरतों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, जबकि महिलाओं की इच्छाओं और संतोष को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

क्या वजहें हैं महिलाओं के असंतोष की

समाज और परंपराएं

Sexual Pleasures In Women: हमारे यहां महिलाओं को शुरू से ही सिखाया जाता है कि यौन इच्छाओं पर खुलकर बात करना गलत है।शादी के बाद भी कई महिलाएं अपनी भावनाएं अपने पति से शेयर करने में हिचकिचाती हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं उन्हें ‘असभ्य’, बिगड़ा हुआ न समझ लिया जाए।

यौन शिक्षा (Sex Education) की कमी

Sexual Pleasures In Women: कहने को तो ये मॉडर्न इंडिया है लेकिन आज भी यहां सेक्स एजुकेशन का नाम लेते ही बवाल मच जाता है। स्कूलों में इस पर खुलकर बात नहीं होती, घर में तो इसका नाम लेना ही पाप की श्रेणी में आ जाता है। इसका नतीजा ये होता है कि ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर और यौन इच्छाओं (Sexual pleasures) को समझ ही नहीं पातीं।

आत्मविश्वास की कमी

Sexual Pleasures In Women: कई महिलाएं अपने शरीर को लेकर असुरक्षित महसूस करती हैं। मोटापा, प्रेगनेंसी के बाद शरीर में आए बदलाव या समाज के बनाए ‘परफेक्ट बॉडी’ के दबाव में वे खुद से ही खुश रहना वो भूल जाती है। जब कोई महिला खुद को पसंद नहीं करेगी, तो वह यौन संबंधों के दौरान कभी खुलकर सामने आ ही नहीं पायेगी। उनके मन में हमेशा डर बना रहेगा, इसलिए वो सेक्स के बाद संतोष महसूस ही नहीं कर पाती।

रिश्तों में बातचीत की कमी

ज्यादातर भारतीय जोड़े सेक्स पर खुलकर बात ही नहीं करते। महिलाएं चाहकर भी अपनी फीलिंग्स शेयर नहीं कर पातीं, और पुरुष यह मान लेते हैं कि सब ठीक चल रहा है। इस चुप्पी का नतीजा ये होता है कि रिश्ते में खटास आने लगती है। ये समझना जरुरी है कि हर रिश्ते में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की अंडरस्टैंडिंग आवश्यक है।

हेल्थ और दवाओं का असर

डिप्रेशन, गर्भनिरोधक गोलियां और हार्मोनल बदलाव भी महिलाओं की यौन इच्छाओं पर असर डालते हैं। लेकिन इस बारे में डॉक्टर से बात करना भी ‘शर्मिंदगी’ की बात मानी जाती है। अब क्यों ये आज तक खुद महिलाएं भी नहीं पता कर पायी है।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स का बढ़ता ट्रेंड

Sexual Pleasures In Women: महिलाओं की यौन संतुष्टि की कमी सिर्फ उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह रिश्तों को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है। जब महिलाएं अपनी इच्छाओं और भावनाओं को अपने जीवनसाथी के साथ साझा नहीं कर पातीं, तो उनमें से कुछ महिलाएं अक्सर कहीं और भावनात्मक और शारीरिक संतुष्टि की तलाश करने लगती हैं। जी हाँ ये कड़वा है, लेकिन सच है!!

यही कारण है कि हाल के वर्षों में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई महिलाएं अपने रिश्ते में अधूरेपन की वजह से ऐसे रिश्तों की ओर आकर्षित होती हैं, जहां वे खुद को समझा हुआ और भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करती हैं। यह समस्या सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुषों के असंतोष से भी जुड़ी है, लेकिन यह दिखाता है कि यौन संतोष की कमी रिश्तों पर किस हद तक असर डाल सकती है।

अब सवाल ये है कि इसका हल क्या है?

अगर महिलाएं अपने साथी से खुलकर अपनी इच्छाओं और जरूरतों के बारे में बात करें, तो यह रिश्ते को और मजबूत बना सकता है। बात करने से ही रास्ते निकलते हैं।

सेक्स एजुकेशन को गंभीरता से लेना जरूरी है। महिलाओं को उनके शरीर, हार्मोनल बदलाव और यौन सुख (Sexual Pleasures) के बारे में सही जानकारी दी जानी चाहिए। ताकि वे अपनी जरूरतों को समझ सकें और खुद को शर्मिंदगी से बाहर निकाल सकें।

योग, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर महिलाएं अपनी बॉडी को लेकर सकारात्मक सोच विकसित कर सकती हैं। जब आप खुद को पसंद करेंगी, तभी आप अपनी इच्छाओं को भी खुलकर जी पाएंगी।

अगर कोई महिला लंबे समय तक यौन असंतोष महसूस कर रही है, तो बिना झिझक डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेनी चाहिए। यह किसी भी दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम की तरह ही एक सामान्य बात है।

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