सीज़फायर के बाद राहत की उम्मीद: हाल ही में ईरान में हुए सीज़फायर के बाद आम जनता के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है, क्या अब LPG, PNG, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पहले की तरह सामान्य हो जाएगी?
क्या लोगों को अब गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा? इस पर भारत सरकार की ओर से जो जानकारी सामने आई है, वह राहत देने वाली जरूर है।
LPG सप्लाई को लेकर सरकार का दावा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए स्पष्ट किया है कि देश में LPG की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, सरकार रोजाना लगभग एक लाख गैस सिलेंडर की बिक्री कर रही है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि LPG वितरकों और पेट्रोल पंपों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है।
घरेलू LPG सप्लाई सामान्य बनी हुई है, जो इस बात का संकेत है कि आम उपभोक्ताओं को अब ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा।
ऑनलाइन बुकिंग ने आसान की प्रक्रिया
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि LPG बुकिंग का लगभग 98% हिस्सा अब ऑनलाइन हो चुका है।
इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि उपभोक्ताओं को सुविधा भी मिली है। पहले जहां सिलेंडर बुक करने में समय और प्रयास लगता था, वहीं अब मोबाइल या इंटरनेट के जरिए यह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है।
कमर्शियल LPG सप्लाई में सुधार
कमर्शियल उपयोग के लिए LPG की सप्लाई भी तेजी से पटरी पर लौट रही है। मंत्रालय के अनुसार, यह सप्लाई लगभग 70% तक बहाल हो चुकी है।
14 मार्च से अब तक करीब 1 लाख 6 हजार टन LPG की बिक्री हो चुकी है।
रोजाना की बात करें तो लगभग 6,000 से 6,500 टन LPG की बिक्री हो रही है, जो बाजार में स्थिरता की ओर इशारा करती है।
इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
5 किलो सिलेंडर पर बड़ी राहत
सरकार ने छोटे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए 5 किलो वाले LPG सिलेंडर को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मंत्रालय ने बताया कि बिना आईडी के भी इन सिलेंडरों की सप्लाई को दोगुना कर दिया गया है।
रोजाना करीब 1 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा रहे हैं और 23 मार्च से अब तक कुल 11 लाख सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है।
यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं या जो अस्थायी रूप से गैस का इस्तेमाल करते हैं।
PNG की ओर बढ़ावा और जागरूकता अभियान
सरकार अब लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट करने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए देशभर में 2400 से अधिक जागरूकता कैंप लगाए गए हैं।
PNG को सुरक्षित, सस्ता और निरंतर सप्लाई वाला विकल्प माना जा रहा है।
प्राकृतिक गैस की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने संतोषजनक स्थिति बताई है। घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है,
जबकि उद्योगों को सप्लाई लगभग 80% और उर्वरक क्षेत्र को 95% तक बहाल कर दिया गया है।

