सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा बढ़ा दी है।
शहाजहाँपुर की रहने वाली एक हिंदू युवती अचानक सहारनपुर पहुँचकर तीन बच्चों की अम्मी के साथ रहने लगी।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि दोनों की मुलाकात करीब पाँच साल पहले एक ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म पर हुई थी।
यह मुलाकात पहले दोस्ती में बदली और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के और करीब आती गईं।
पाँच साल का रिश्ता और 17 दिनों की ट्रिप, दोनों का दावा
सहारनपुर: मुस्लिम महिला ने बताया कि वह 9 साल से शादीशुदा है लेकिन उसे अपने शौहर से भावनात्मक सपोर्ट नहीं मिला।
इसी दौरान हिंदू युवती से उसकी बातें बढ़ीं। महिला के मुताबिक युवती उसके बच्चों का भी ख्याल रखती है और दोनों मार्च माह में 17 दिनों के लिए घूमने भी गई थीं।
दोनों का कहना है कि वे पिछले पाँच सालों से रिश्ते में हैं और अब एक परिवार की तरह साथ रहना चाहती हैं।
हिन्दू युवती बोली, “परिवार करता है मानसिक प्रताड़ना”
सहारनपुर: हिंदू युवती ने अपने ही परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि उसका परिवार उसे मानसिक रूप से परेशान करता है, यहाँ तक कि उसे जबरन मेंटल हॉस्पिटल में भी भर्ती करवा दिया गया था।
युवती का कहना है कि जब समाज में समलैंगिक रिश्ते स्वीकार किए जा रहे हैं तो फिर उसे अपनी पसंद की महिला के साथ रहने से क्यों रोका जा रहा है?
युवती का दावा है कि उसका निर्णय पूरी तरह से उसका अपना है।
पति का अजीब बयान, “दोनों मेरे घर में रह सकते हैं”
सहारनपुर: इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात मुस्लिम महिला के शौहर का बयान है। उसने साफ शब्दों में कहा कि अगर हिंदू युवती चाहे तो वह उसकी बीवी के साथ उसी घर में रह सकती है।
इस बयान ने मामले में और भ्रम पैदा कर दिया है, क्योंकि परिवार का मानना है कि किसी पति का ऐसा निर्णय लेना सहज नहीं हो सकता।
माँ का बड़ा आरोप, “बेटी को गिरोह ने फंसाया, यह जिहादी साजिश है”
सहारनपुर: हिंदू युवती की माँ ने इस पूरे प्रकरण को एक “बड़ी साजिश” बताया है।
उनका कहना है कि बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसकी कमजोरी का फायदा उठाकर उसे फँसाया गया है।
माँ का आरोप है कि मुस्लिम परिवार का दोनों को साथ रखने की अनुमति देना अपने-आप में शक पैदा करता है।
उनका कहना है कि यह किसी संगठित गिरोह की सोची-समझी रणनीति हो सकती है और वह इसे “जिहादी साजिश” मानती हैं।

