ऋषभ पंत बायोग्राफी: जिस खिलाड़ी को मैच की परिस्थितियों को बदलने और टीम के पक्ष में खेल को पलट देने की आदत है और जिसके पास ऐसा बीस्ट माइंडसेट है जिससे हर टीम डरती है, वह हैं ऋषभ पंत।
विकेट के पीछे भी उनके हाथ बहुत शानदार हैं। ऋषभ पंत सिर्फ एक नाम नहीं हैं, बल्कि वो खिलाड़ी है जो मैच की स्थिति बदलने की क्षमता रखता हैं।
व्यक्तिगत जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | ऋषभ राजेंद्र पंत |
| जन्म तिथि | 4 अक्टूबर 1997 |
| जन्म स्थान | हरिद्वार, उत्तराखंड, भारत |
| आयु | 28 वर्ष (2026 की शुरुआत तक) |
| लंबाई | 5 फुट 7 इंच |
| भूमिका | विकेटकीपर-बल्लेबाज़ |
| शिक्षा | द इंडियन पब्लिक स्कूल, देहरादून; श्री वेंकटेश्वर महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम |
| अनुमानित कुल संपत्ति | ₹100 करोड़ |
| टीमें | दिल्ली, लखनऊ सुपर जायंट्स, भारत अंडर-19, भारत-ए, भारत |
बचपन
पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को हरिद्वार, उत्तराखंड में हुआ था। ऋषभ पंत के पिता राजेंद्र पंत, रूरकी, उत्तराखंड में एक स्कूल के फैकल्टी सदस्य थे और उनकी माँ एक गृहिणी हैं। पंत की एक बड़ी बहन हैं जिनका नाम साक्षी पंत है।
सिर्फ 12 साल की उम्र में पंत अपनी माँ के साथ हर सप्ताहांत दिल्ली जाते थे ताकि वे कोच तारक सिन्हा सर से सोनेट क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ले सकें।
दोनों लोग मोती बाघ गुरुद्वारा में ठहरते थे क्योंकि शहर में उनके पास रहने की उचित व्यवस्था नहीं थी।
कोच सिन्हा ने सुझाव दिया कि वह टीम बदलकर राजस्थान के लिए U-13 और U-15 क्रिकेट खेलें, लेकिन यह उनके लिए काम नहीं कर पाया।
बाद में उनके मेंटर ने उन्हें अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करने की सलाह दी ताकि वे अपनी टीम के लिए बेहतर बल्लेबाज बन सकें।
टर्निंग पॉइंट
वह दिल्ली के लिए U-19 क्रिकेट खेल रहे थे और मुकाबला असम के खिलाफ था।
पहली पारी में ऋषभ पंत ने 35 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए और दूसरी पारी में 150 रन बनाए, जिसे वे अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी मानते हैं।
इसके बाद 1 फरवरी 2016 को, 2016 Under-19 Cricket World Cup के दौरान पंत ने नेपाल के खिलाफ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जो इस स्तर पर सबसे तेज था।
करियर की शुरुआत
पंत ने 22 अक्टूबर 2015 को Ranji Trophy 2015–16 में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया और अगले महीने Vijay Hazare Trophy 2015–16 में अपना लिस्ट-A डेब्यू किया।
2016–17 रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ मैच खेलते हुए पंत ने एक पारी में 308 रन बनाए, जिससे वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बन गए।
8 नवंबर 2016 को पंत ने झारखंड के खिलाफ सिर्फ 48 गेंदों में शतक लगाकर रणजी ट्रॉफी का सबसे तेज शतक बनाया।
फरवरी 2017 में पंत को 2016–17 विजय हजारे ट्रॉफी के लिए दिल्ली का कप्तान बनाया गया।
उन्होंने गौतम गंभीर की जगह ली, जिन्होंने पिछले सीजन में दिल्ली को फाइनल तक पहुंचाया था। वे दिल्ली की रणजी ट्रॉफी इतिहास के सबसे युवा कप्तानों में से एक बन गए।
सब कुछ अच्छा चल रहा था, तभी उन्हें एक दुखद खबर मिली कि 6 अप्रैल 2017 को उनके पिता का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया।
यह खबर मिलते ही वे तुरंत Roorkee, उत्तराखंड चले गए। यह उनके परिवार के लिए बहुत कठिन समय था और ऋषभ को विश्वास नहीं हो रहा था कि यह क्या हो गया।
लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और ऐसी स्थिति में भी कभी हार नहीं मानी।
अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
जनवरी 2017 में पंत को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की T20I टीम में शामिल किया गया।
उन्होंने 1 फरवरी 2017 को M. Chinnaswamy Stadium, बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे T20I मैच में भारत के लिए डेब्यू किया।
पंत 19 साल 120 दिन की उम्र में भारत के लिए T20I में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने।
फरवरी 2018 में उन्हें 2018 Nidahas Trophy के लिए भारत की T20I टीम में शामिल किया गया।
जुलाई 2018 में पंत को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की टेस्ट टीम में चुना गया।
उन्होंने 18 अगस्त 2018 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। वे टेस्ट क्रिकेट में छक्का लगाकर अपना खाता खोलने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बने।
11 सितंबर 2018 को पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक बनाया और इंग्लैंड में टेस्ट शतक बनाने वाले पहले भारतीय विकेट कीपर और दूसरे सबसे युवा विकेटकीपर बने।
अगले महीने उन्हें वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की ODI टीम में चुना गया।
उन्होंने 21 अक्टूबर 2018 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत के लिए अपना ODI डेब्यू किया।
जून 2019 में 2019 Cricket World Cup के दौरान Shikhar Dhawan की जगह पंत को भारत की टीम में शामिल किया गया।
2020 में धोनी ने अचानक संन्यास की घोषणा कर दी और पंत उनके स्थान के लिए प्रमुख दावेदार थे, लेकिन उनका मुकाबला केएल राहुल से था।
2021-22 बॉर्डर–गावस्कर Trophy में पंत सीरीज के अनसंग हीरो रहे, जहाँ उन्होंने चौथे टेस्ट में 97 रन और अंतिम टेस्ट में नाबाद 89 रन बनाकर भारत को सीरीज जिताई।
इस ट्रॉफी पर “Bandon Mein Tha Dum” नाम से एक सीरीज भी बनाई गई है।
पंत को 2021 ICC Men’s T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की टीम में चुना गया।
मार्च 2022 में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे मैच में पंत ने सिर्फ 28 गेंदों में अर्धशतक लगाकर भारत के लिए टेस्ट मैच में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड बनाया, जो पहले कपिल देव के नाम था।
मई 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए पंत को भारत की टीम का कप्तान बनाया गया। 24 साल 248 दिन की उम्र में वे भारत के लिए T20I मैच में कप्तानी करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने।
जुलाई 2022 में इंग्लैंड दौरे के अंतिम मैच में पंत ने 125 रन बनाकर अपना पहला ODI शतक लगाया और नाबाद रहे।
अप्रैल 2024 में उन्हें जून में होने वाले T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की टीम में शामिल किया गया, जो 2022 के भयानक कार हादसे के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला बड़ा कमबैक था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में भारत की जीत में उनकी गेम मैनेजमेंट की काफी प्रशंसा हुई।
जून 2025 में वे इंग्लैंड में एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने।
इसके साथ ही वे एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज बने, उनसे पहले यह कारनामा Andy Flower ने किया था।
उन्होंने टेस्ट में 76 पारियों में 3000 रन पूरे करके भारत के सबसे तेज विकेटकीपर बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।
उन्होंने ये सभी रिकॉर्ड Headingley में खेले गए पहले टेस्ट में दो शतक लगाकर हासिल किए, जो जून-अगस्त 2025 के बीच खेली गई 5 मैचों की टेस्ट सीरीज Anderson–Tendulkar Trophy का हिस्सा थी।
वर्तमान में वे टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के उप-कप्तान हैं।
2022 का घातक कार हादसा
30 दिसंबर 2022 को पंत दिल्ली -देहरादून एक्सप्रेसवे पर नारसन कलां गांव के पास एक लगभग घातक कार दुर्घटना का शिकार हो गए।
बताया जाता है कि पंत Mercedes -AMG GLE 43 Coupe चलाकर नई दिल्ली से अपने घर रूरकी जा रहे थे और कार में वे अकेले थे।
कार सड़क के डिवाइडर से टकराने के बाद आग पकड़ गई। यह घटना सुबह 5:30 बजे हुई और कार लगभग 200 मीटर तक फिसलते हुए डिवाइडर से टकराई।
उन्हें सिर, पीठ और पैरों में चोटें आईं, जिसमें माथे पर दो कट और दाहिने घुटने में लिगामेंट की चोट शामिल थी।
उनके दाहिने हाथ, टखने और पैर की उंगली में भी चोट लगी और पीठ पर खरोंचें आईं।
उन्हें पहले सक्षम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और बाद में मैक्स हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
उनके ब्रेन और स्पाइन के MRI सामान्य आए, लेकिन चेहरे की चोटों के लिए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी गई।
उन्हें हरियाणा रोडवेज के बस ड्राइवर सुशील मान और कंडक्टर परमजीत सिंह ने बचाया।
IPL करियर
पंत को दिल्ली दरदेविल्स ने 2016 के Indian Premier League से पहले खरीदा था।
2018 IPL में उन्होंने सुनरिसेर्स हैदराबाद के खिलाफ 63 गेंदों में नाबाद 128 रन बनाए, जो उस समय IPL में किसी भारतीय खिलाड़ी का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था।
वे IPL में शतक लगाने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी भी बने।
2021 IPL में पंत को दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनाया गया।
2022 सीजन में भी वे कप्तान रहे। 2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें रिलीज कर दिया।
2025 में उन्हें लखनऊ सुपर जेंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा, जिससे वे IPL 2025 के सबसे महंगे खिलाड़ी बने और बाद में टीम के कप्तान भी बनाए गए।
रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर।
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों में मैच जिताने वाले शतक लगाने वाले पहले विकेटकीपर बल्लेबाज।
23 वर्ष की उम्र से पहले विदेश में दो टेस्ट शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय विकेटकीपर।
टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे तेज 50 डिसमिसल पूरे करने वाले विकेटकीपर।
विदेशी जमीन पर कई टेस्ट शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय विकेटकीपरों में शामिल।
ऋषभ की यात्रा हर इंसान को यह सिखाती है कि “मुश्किलों ने ऋषभ पंत को परखा, लेकिन उनकी वापसी ने उन्हें और मजबूत खिलाड़ी बनाया है। ”
इस बायोग्राफी के लेखक निश्चय मल्होत्रा हैं।
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