Wednesday, March 4, 2026

रिंकू सिंह: सिलेंडर वाले का लड़का कैसे बन गया भारतीय टीम का फिनिशर?

28 सितंबर 2025 का दिन,जब हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गज खिलाड़ी को रिप्लेस करके एक नए लड़के को खिलाया गया, जिसने आखिरी बॉल पर बाउंड्री मार कर इंडिया बनाम पाकिस्तान मैच को एशिया कप फाइनल में जीता दिया था।

आज हम उसी खिलाडी के बारे में जानेंगे, एक ऐसे क्रिकेटर के बारे में जिसने क्रिकेट के अंदर तूफान मचा दिया। तो आइए शुरू करते हैं।

रिंकू का बचपन

रिंकू सिंह: 12 अक्टूबर 1997 को यूपी के अलीगढ़ में जन्में रिंकू,अपने माता-पिता की तीसरी संतान है। इनके पिता का नाम खानचरण सिंह हैं जो एक गैस एजेंसी में काम करते थे

वहीँ उनकी मां का नाम वीना देवी हैं, जो एक हाउसवाइफ हैं। रिंकू के 3 भाई और 1 बहन है।

रिंकू को बचपन से ही क्रिकेट बहुत पसंद था, लेकिन घर के हालत अच्छे न होने के कारण वो अपना यह सपना पूरा नहीं कर पा रहे थे।

इसीलिए उन्होंने अपने क्रिकेट खेलने की शुरुवात टेनिस बॉल से की, और अपने भाई के साथ टेनिस बॉल के टूर्नामेंट में जाने लगे। हालाँकि उनके पिता इस चीज के खिलाफ थे और चाहते थे कि रिंकू कुछ पैसे कमाए,ताकि घर चलाने में आसानी हो सके।

इसके लिए रिंकू के पिता ने उनकी नौकरी एक कोचिंग में स्वीपर के तोर पे भी लगवा दी थी,मगर रिंकू ने यह काम करने से साफ़ इंकार कर दिया।

वो ठान चुके थे की उन्हें अपना करियर क्रिकेट में ही बनाना है,और इसके लिए उनका लेदर बॉल से खेलना बहुत जरूरी था, मगर जिस हिसाब से रिंकू की फाइनेंशियल कंडीशन थी,उनका प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना काफी मुश्किल था। इसीलिए उन्होंने किसी प्राइवेट एकेडमी की जगह एक सरकारी स्टेडियम में क्रिकेट को सिखना चालू कर दिया।

जब रिंकू के टैलेंट पर कोच मसूद उज जफर अमिनी की नजर पड़ी, तो उन्होंने रिंकू को निजी तौर पर कोचिंग देना शुरू कर दिया। वो उन्हें बड़े टूर्नामेंट में भेजा करते, जिसकी बॉल फीस रिंकू अपने भाइयों से मांग कर देते थे।

उनकी माँ और भाई रिंकू के क्रिकेट के प्रति इस पैशन को समझते थे और उन्हें सपोर्ट भी करते थे, लेकिन उनके पिता को उनका क्रिकेटर बनना कभी समझ नहीं आया।

बाइक जीत दिलाया पिता को भरोसा

इसके बाद आया वो दिन जब रिंकू, एक टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरीज बने और उसमे एक बाइक जीते। यह बाइक उन्होंने अपने पिता को गिफ्ट करी, ताकि उन्हें सिलेंडर की डिलीवरी करने में आसानी हो जाए। जिसके बाद उनके पिता को भी यह यकीन होगया की उनका बेटा क्रिकेट में कुछ करके दिखायेगा।

रिंकू ने भी अपने पिता के यकीन को कायम रखा और 16 साल की उम्र तक उन्होंने अंडर-16, अंडर-19 और लिस्ट ए में डेब्यू कर लिया।

इन सभी में रिंकू ने इतना शानदार प्रदर्शन किया की उनका नंबर सीधे आईपीएल में लग गया और कई टीमों का ध्यान उनकी तरफ खींचा चला गया। जिसके बाद साल 2017 में पंजाब ने रिंकू को अपनी टीम में 10 लाख के बेस प्राइस में ले लिया।

रिंकू के लिए यह रकम बहुत मायने रखती थी, क्योकि इसी धनराशि से उन्होंने अपने पिता का कर्ज उतरा था। इसके बाद आया साल 2018-19 का रणजी ट्रॉफी सीजन, जिसमे रिंकू ने काफी जबरदस्त प्रदर्शन करके, सीजन के 10 मैचों में 963 रन बनाए।

इसी साल रिंकू की ज़िंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया, जब केकेआर ने 80 लाख में उन्हें खरीदा। इसी आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट से रिंकू ने अपना खुद का एक घर ख़रीदा।

चोट के कारण बनी क्रिकेट से दुरी

लेकिन इतना ज़बरदस्त खेलने के बाद,कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से रिंकू को 6 महीने के लिए क्रिकेट से दुरी बनानी पड़ी।

बात है साल 2021 की,जब रिंकू ने एक फर्स्ट क्लास मैच में रन लेने के चक्कर में अपने घुटने पर आईपीएल से ठीक पहले चोट लगा ली,और इसी चक्कर में उनको 6 महीना बेडरेस्ट के चलते क्रिकेट से दूर रहना पड़ा।

यह वक़्त रिंकू और उनके परिवार के लिए एक दुःख की घड़ी थी, क्योकि इस दौरान उन्हें आईपीएल के पहले फेज से बाहर होना पड़ा।

हालाँकि, इस मुश्किल समय में केकेआर मैनेजमेंट ने उनकी काफी मदद की और रिंकू के टैलेंट पर भरोसा जताया।

इसी भरोसे के चलते साल 2022 के मिनी ऑक्शन में KKR ने रिंकू को 55 लाख में खरीदा और टीम के मेंटर अभिषेक नायर ने उन्हें तैयार किया।

रिंकू सिंह: इतिहास रच कहलाये लॉर्ड रिंकू

इसके बाद 9 अप्रैल 2023 को रिंकू ने कुछ ऐसा कर दिखाया जो आईपीएल के इतिहास में कभी नहीं हुआ था।

इसी दिन कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम गुजरात टाइटन्स का मैच था। जिसमे आखिरी ओवर में 28 रन बनाने थे और स्ट्राइक पर थे रिंकू सिंह।

जिन्होंने गेंदबाज यश दयाल की तेज़ गेंदो पर 5 छक्के मार कर कोलकाता को वो मैच जीता दिया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।

इसी मैच के बाद से सभी ने रिंकू को लॉर्ड रिंकू और फिनिशर का नाम दे दिया।

यहीं वो सीज़न था जहाँ से रिंकू टीवी विज्ञापन भी मिलने लगे और उनका फाइनेंसियल संघर्ष ख़तम होगया।

रिंकू ने भी इस कामयाबी को कपार पर नहीं चढ़ने दिया, बल्कि अपना बीता समय याद करते हुए गरीब बच्चों के लिए स्पोर्ट्स हॉस्टल बनवाये।

बने इंडियन टीम के परमानेंट प्लेयर्स

इसके बाद 18 अगस्त 2023 को रिंकू ने अपना डेब्यू इंडियन टीम में किया और एक परमानेंट प्लेयर के तौर पर उसमे अपनी जगह बना ली। इसी साल उन्होंने अपना वनडे डेब्यू भी किया।

फिर आया 17 जनवरी 2024, जब इंडिया और अफ़गानिस्तान के बीच जबरदस्त मैच चल रहा था।

भारत 22 रनों पर 4 विकेट गवा चुका था। इसी वक़्त पिच पर आये रिंकू सिंह, और पूरा मैच पलट गया।

रिंकू ने 39 गेंदों में 69 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमे 6 चक्के और 2 चौके शामिल थे।

इसी मैच में रिंकू ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ 190 रन की पार्टनरशिप की और सुपरओवर में इंडिया ने मैच जीता।

फ़िलहाल 2026 में रिंकू को टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया है ।

लव लाइफ के हुए चर्चे

रिंकू सिंह: इसी बीच रिंकू की लव लाइफ को लेकर भी काफी चर्चे हुए। लोगों को समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज के साथ उनकी सगाई की ख़बरें सोशल मीडिया पर देखने को मिली, जिसके बाद 8 जून 2025 को आखिरकार रिंकू ने अपनी सगाई का एलान इंस्टाग्राम पोस्ट पे किया।

तो यह थी भारतीय टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह की कहानी, जो दिखाती है की कैसे अपने जूनून और लगाव के चलते एक एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी करने वाले का बेटा, इंडियन टीम का फिनिशर बन गया।

रिंकू की कहानी बताती है कि इंसान का भविष्य, उसके परिवार के हालातों पर नहीं बल्कि उसकी लगन,जज़्बे और कभी हार न मानने वाले रवैये से बनता है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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