पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों को लेकर एक बड़ा झटका सामने आया है। शुक्रवार 6 मार्च की रात सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी।
इस फैसले ने आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक सभी को प्रभावित किया है और देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
अचानक बढ़ाए गए पेट्रोल और डीजल के दाम
सरकार के ताजा फैसले के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 321.17 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 335.86 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर हो गई है।
दोनों ईंधनों के दामों में एक ही झटके में लगभग 55 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
यह घोषणा सरकार ने देर रात एक आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप प्रधानमंत्री इशाक डार,
वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक मौजूद थे।
सरकार के अनुसार यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और नई कीमतें शनिवार से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अचानक उछाल और क्षेत्रीय तनाव के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।
पश्चिम एशिया में तनाव बना मुख्य कारण
सरकार ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते तनाव को मुख्य कारण बताया है।
हाल के दिनों में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
इन घटनाओं के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है,
जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। यदि इस समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा आती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पाकिस्तान की तेल निर्भरता बढ़ा रही चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान की स्थिति इसलिए भी अधिक संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी लगभग 90 प्रतिशत तेल जरूरतें आयात के जरिए पूरी करता है। इन आयातों का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही आता है।
ऐसे में यदि क्षेत्रीय संघर्ष के कारण इस मार्ग में कोई बाधा उत्पन्न होती है तो पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है।
सरकार का कहना है कि संभावित आपूर्ति संकट से बचने के लिए कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और आयात जारी रखा जा सके।
शहरों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें
कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी की खबर सामने आते ही कई बड़े शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
लाहौर, कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर देर रात से ही लंबी कतारें लग गईं।
कई जगहों पर लोगों ने कीमत बढ़ने से पहले टैंक भरवाने की कोशिश की, जिसके कारण भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ स्थानों से धक्का-मुक्की और बहस की खबरें भी सामने आई हैं।
सरकार ने हालात को देखते हुए चेतावनी जारी की है कि यदि कोई व्यापारी या पेट्रोल पंप मालिक ईंधन की जमाखोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आर्थिक दबाव और बढ़ सकती है महंगाई
विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का असर देश की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होने की आशंका है।

