Tuesday, March 10, 2026

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण

अमित शाह

राष्ट्रीय हरिद्वार 22 जनवरी 2026 को देश के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित भाई शाह ने पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण कर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए अध्याय का औपचारिक शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने इसे योग आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से विकसित विश्व का प्रथम इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम बताया जो भारत को वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा।

विश्व का पहला इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम हॉस्पिटल

पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित यह सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल विश्व का पहला ऐसा केंद्र है जहां योग आयुर्वेद नेचुरोपैथी एवं आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा पद्धतियों का वैज्ञानिक समन्वय कर नागरिकों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

यह अस्पताल केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि रोग की जड़ पर कार्य करते हुए जीवनशैली सुधार योग आयुर्वेदिक उपचार एवं न्यूनतम हस्तक्षेप की अवधारणा को प्राथमिकता देगा।

गृह मंत्री अमित शाह का निरीक्षण एवं वक्तव्य

उद्घाटन के पश्चात गृह मंत्री अमित शाह ने इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का विस्तृत निरीक्षण किया और पतंजलि द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम की सराहना की।

उन्होंने कहा कि रोगों के स्थायी समाधान और रोगमुक्त समाज के निर्माण के लिए ऐसी समन्वित चिकित्सा प्रणाली ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती है जिससे पूरी दुनिया लाभान्वित होगी।

पतंजलि प्रवास के दौरान गहन विमर्श

माननीय गृह मंत्री दो दिवसीय पतंजलि प्रवास पर रहे जहां उन्होंने योग आयुर्वेद एवं सनातन जीवन पद्धति को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने को लेकर स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण के साथ गहन विचार मंथन किया।

इस दौरान चिकित्सा शिक्षा और ऋषियों की ज्ञान परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई तथा पतंजलि की भविष्य की भूमिका पर भी विमर्श किया गया।

आत्मीय स्वागत और पतंजलि परिवार का उत्साह

गृह मंत्री के आगमन से पतंजलि योगपीठ परिवार में गौरव और ऊर्जा का संचार हुआ। स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में संतों भक्तों शिष्यों गुरुकुलम एवं आचार्यकुलम के विद्यार्थियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

पतंजलि परिवार ने इस अवसर को राष्ट्रधर्म और सनातन संस्कृति के गौरव से जोड़ते हुए ऐतिहासिक क्षण बताया।

स्वामी रामदेव का वक्तव्य और उपचार दर्शन

स्वामी रामदेव ने कहा कि यह सम्पूर्ण पतंजलि परिवार के लिए गर्व का विषय है कि विश्व के प्रथम इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल का लोकार्पण ऐसे गृह मंत्री द्वारा हुआ जो योग आयुर्वेद और सनातन मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पतंजलि किसी भी पैथी के विरुद्ध नहीं है बल्कि गैर जरूरी दवाओं गैर जरूरी ऑपरेशन और अनावश्यक जांच के खिलाफ है।

रोगों के मूल कारणों पर केंद्रित चिकित्सा

स्वामी रामदेव ने बताया कि रोगों के मुख्य कारण स्ट्रेस इंफ्लामेशन और शरीर में अशुद्धि हैं। पतंजलि में पंचकर्म षटकर्म शिरोधारा नस्य अभ्यंग शंख प्रक्षालन और बस्ती जैसी प्रक्रियाओं से शुद्धिकरण किया जाता है।

योग आयुर्वेद नेचुरोपैथी उपवास उपासना और औषधीय आहार से 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को स्वस्थ करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्डियोलॉजी और क्रिटिकल सर्जरी की व्यवस्था

हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग में एंजियोप्लास्टी बायपास सर्जरी और पेसमेकर की सुविधा उपलब्ध है हालांकि प्राथमिक प्रयास रोगियों को प्राकृतिक तरीकों से स्वस्थ करने पर रहेगा।

हृदयामृत कार्डियोग्रिट अर्जुन की छाल दालचीनी और लोकी जूस के माध्यम से हार्ट ब्लॉकेज रिवर्स करने पर कार्य किया जा रहा है।

डायबिटीज लिवर और किडनी रोगों पर उपलब्धियां

पतंजलि ने बीपी डायबिटीज थायराइड लिवर किडनी रोगों में सिंथेटिक दवाओं पर निर्भरता घटाने के वैज्ञानिक मॉडल विकसित किए हैं। फैटी लिवर सिरोसिस हेपेटाइटिस और लिवर कैंसर तक में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

इन सभी उपचारों के लिए पतंजलि के पास क्लिनिकल डाटा और वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हैं।

रिसर्च नेटवर्क और वैश्विक सहयोग

स्वामी रामदेव ने बताया कि ऋषिकेश दिल्ली गुवाहाटी जम्मू कश्मीर भोपाल सहित लगभग दस एम्स संस्थानों के साथ संयुक्त रिसर्च चल रही है।

इसके अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया यूरोप अमेरिका सहित पच्चीस अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संस्थानों के साथ एनिमल ट्रायल ह्यूमन ट्रायल और ड्रग डिस्कवरी पर कार्य किया जा रहा है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था

पतंजलि हॉस्पिटल में आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को विशेष राहत दी जाएगी जबकि समर्थ वर्ग को न्यूनतम शुल्क पर व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह मॉडल सेवा और सस्टेनेबिलिटी दोनों को संतुलित करने की दिशा में विकसित किया गया है।

अस्पताल की वर्तमान और भविष्य की क्षमता

वर्तमान में यह इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल 250 बेड की क्षमता से संचालित हो रहा है। भविष्य में इसे 3500 बेड के पूर्ण इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम में विस्तारित किया जाएगा।

इसमें अत्याधुनिक मशीनों द्वारा जांच और ब्रेन हार्ट एवं स्पाइन जैसी जटिल सर्जरी की संपूर्ण व्यवस्था होगी।

24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं और विभागीय संरचना

अस्पताल में कार्डियोलॉजी न्यूरोलॉजी ऑर्थोपेडिक्स जनरल सर्जरी रेडियोलॉजी एनेस्थीसिया पैथोलॉजी डेंटल आईसीयू और इमरजेंसी मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉक्टर चौबीसों घंटे सेवाएं दे रहे हैं।

यह व्यवस्था रोगियों को त्वरित और समग्र चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए की गई है।

आचार्य बालकृष्ण का वक्तव्य और अस्पताल की भूमिका

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि द्वारा स्थापित यह विश्व का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम हॉस्पिटल है जहां अब तक एक करोड़ अड़तीस लाख से अधिक रोगियों का उपचार किया जा चुका है।

यह हॉस्पिटल विशेष रूप से क्रिटिकल और इमरजेंसी स्थितियों में आधुनिक चिकित्सा सहयोग प्रदान करेगा।

विज्ञान और परंपरा का संगम

पतंजलि में विज्ञान और परंपरा का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। पांच सौ से अधिक वैज्ञानिकों द्वारा विकसित एविडेंस बेस्ड मेडिसिन्स ने आयुर्वेद को वैश्विक वैज्ञानिक मान्यता दिलाई है।

पांच हजार से अधिक रिसर्च प्रोटोकॉल और सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय जर्नल प्रकाशन इसका प्रमाण हैं।

सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं और तकनीकी ढांचा

इस हॉस्पिटल में चौबीस घंटे इमरजेंसी ट्रॉमा केयर हाई एंड आईसीयू वेंटिलेटर सपोर्ट और क्रिटिकल केयर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

कैथ लैब कोरोनरी एंजियोग्राफी एंजियोप्लास्टी पेसमेकर न्यूरो सर्जरी ऑर्थोपेडिक जॉइंट रिप्लेसमेंट और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की संपूर्ण सुविधा मौजूद है।

आधुनिक जांच और डायग्नोस्टिक सेवाएं

पतंजलि हॉस्पिटल में अत्याधुनिक इमेजिंग और डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित किया गया है जहां एमआरआई डिजिटल एक्स रे और अल्ट्रासाउंड जांच चौबीस घंटे कम खर्च में उपलब्ध होंगी।

इससे आम नागरिकों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।

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Samudra
Samudra
लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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