पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बरसाए बम: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर गंभीर तनाव के दौर में पहुंच गए हैं।
अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने सीमा का उल्लंघन करते हुए हवाई और ड्रोन हमले किए, जिनका निशाना सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि रिहायशी इलाके बने।
इस घटना के बाद सीमा क्षेत्रों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
नंगरहार में तबाही
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बरसाए बम: अफगान प्रशासन के अनुसार हमले मुख्य रूप से पक्तिका और नंगरहार प्रांतों में हुए। खास तौर पर बरमल जिले में एक मदरसे और आसपास के घरों पर बमबारी की गई।
अधिकारियों का कहना है कि हमले देर रात किए गए, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका नहीं मिला।
स्थानीय निवासियों के अनुसार धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत
सबसे दर्दनाक घटना बेहसूद जिले के एक घर में हुई, जहां बम गिरने से एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में 80 साल के बुजुर्ग से लेकर एक साल का बच्चा तक शामिल बताया गया है।
घर में मौजूद 21 लोगों में केवल दो ही जीवित बच पाए, जिनकी हालत गंभीर है। राहत दल मलबा हटाकर संभावित जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं,
जबकि स्थानीय अस्पताल घायलों से भर गए हैं।
बलूचो ने की आलोचना
बलूच कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “दमनकारी सैन्य कार्रवाई” कहा।
उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती है और नफरत को बढ़ाती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के रक्षा नेतृत्व ने पहले ही रमजान से पहले सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
इस्लामाबाद ने आरोप से किया इनकार
इस्लामाबाद ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई और सीमा पार सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार ये ठिकाने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट-खोरासान से जुड़े लड़ाकों के थे।
उनका कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई और इसका उद्देश्य केवल आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना था।
तालिबान की चेतावनी
अफगान तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर डाल रहा है।
उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।

