NIT में हनुमान चालीसा को लेकर विवाद: तेलंगाना की कांग्रेस सरकार हर बार हिन्दू आस्था को चोट पहुंचाने का, कोई ना कोई बहाना ढूंढ ही लेती है। अब वारंगल में छात्रों के हनुमान चालीसा को लेकर विवाद सामने आया है।
बताया जा रहा है की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में कुछ छात्रों के द्वारा पिछले कई सालों से हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है,
लेकिन इसे कॉलेज प्रशासन की तरफ से धार्मिक गतिविध बताते हुए रोक दिया गया है।
इसको लेकर कानूनी अधिकार संरक्षण मंच (एलआरपीएफ) ने 23 फरवरी को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई है।
15 मिनट तक हनुमान चालीसा का पाठ
NIT में हनुमान चालीसा को लेकर विवाद: एलआरपीएफ ने कहना है कि एनआईटी वारंगल के 1.8K अल्ट्रा-मेगा हॉस्टल जिसे रामाप्पा हॉल ऑफ रेजिडेंस भी कहा जाता है,
जहां पर छात्र पिछले काफी समय से हर मंगलवार शाम लगभग 15 मिनट तक हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
यह किसी संगठन या राजनीतिक दल से जुड़ा कार्यक्रम नहीं था, बल्कि छात्रों की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ी एक शांत धार्मिक गतिविधि थी।
हाल ही में इस पाठ के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।
प्रशासन ने स्टूडेंट को दी निकालनने की धमकी
ऐसा बताया जा रहा है कि 17 फरवरी को प्रशासन ने धार्मिक गतिविधि का हवाला देते हुए स्टूडेंटस् को चेतावनी दी,
कहा कि अगर दोबारा उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया तो उन्हें हॉस्टल से निकालने के साथ ही उन पर कार्रवाई की जाएगी।
एलआरपीएफ का कहना है कि संस्थान परिसर में अन्य धर्मों की गतिविधियों को सदैव अनुमति दी जाती रही है, इसलिए केवल हनुमान चालीसा के पाठ पर रोक लगाना कहा तक सही है।
फोरम ने संस्थान के निदेशक, चीफ वार्डन और डीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आयोग से निष्पक्ष जांच कर छात्रों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

