बजट
01 फरवरी 2026 को संसद में देश का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 प्रस्तुत करते हुए सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और आगामी वित्तीय वर्ष की दिशा को स्पष्ट किया।
इस बजट से मध्यम वर्ग, किसान और रोजगार से जुड़े वर्गों को विशेष उम्मीदें हैं। सरकार का मानना है कि बजट के माध्यम से देश की आर्थिक गति, विकास की दिशा और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव तय होंगे।
आर्थिक स्थिरता और राजकोषीय अनुशासन पर सरकार का जोर
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित मुद्रास्फीति से पहचानी गई है। यह उपलब्धि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद लिए गए नीतिगत निर्णयों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अनिश्चितताओं और वैश्विक व्यवधानों के बीच भी संतुलित आर्थिक नीतियों को अपनाया। सार्वजनिक वित्त को संभालते हुए विकास की गति बनाए रखना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
संरचनात्मक सुधार और आत्मनिर्भरता पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाया है। राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए सार्वजनिक निवेश को मजबूती दी गई और आत्मनिर्भरता को आर्थिक नीति का केंद्रीय स्तंभ बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि घरेलू विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और आवश्यक वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती सुनिश्चित हो सके।
रोजगार, कृषि और जीवन स्तर सुधार पर सरकार की रणनीति
वित्त मंत्री के अनुसार आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक लक्ष्य बनाकर उत्पादन क्षमता को बढ़ाया गया है। इसके साथ सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक निर्णयों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और विकास समावेशी बने।
उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में सुधार, परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। इन प्रयासों से देश की आर्थिक वृद्धि दर लगभग सात प्रतिशत रही है।
बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात
बजट प्रस्तुति से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें बजट की प्रति सौंपी। इसके बाद वह तमिलनाडु की पारंपरिक कांजीवरम साड़ी पहनकर संसद भवन पहुंचीं।
वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर डिजिटल टैबलेट के माध्यम से बजट दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जो आधुनिक प्रक्रियाओं की ओर संकेत करता है।

