चार हफ़्तों तक न्यूज चैनलों की TRP पर रोक: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने न्यूज टीवी चैनलों की Television Rating Point (TRP) की रिपोर्टिंग को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
यह फैसला Israel-Iran War 2026 को लेकर चैनलों द्वारा की जा रही अनावश्यक सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित रिपोर्टिंग के मद्देनजर लिया गया है।
सरकार का मानना है कि रेटिंग की अंधी दौड़ की वजह से Breaking News के नाम पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।
BARC को मंत्रालय का सख्त निर्देश
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Broadcast Audience Research Council (BARC) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि न्यूज चैनलों की रेटिंग रिपोर्टिंग अगले चार सप्ताह या अगले आदेश तक स्थगित रखी जाए।
मंत्रालय ने 16 जनवरी 2014 के Media Policy Guidelines का हवाला देते हुए कहा कि जनहित में यह फैसला अनिवार्य है।
दरअसल, TRP Ratings की प्रतिस्पर्धा के कारण कई चैनल Sensational Journalism का सहारा ले रहे हैं,
जिससे न केवल पत्रकारिता की गरिमा गिर रही है, बल्कि Global Geopolitical Risk के इस दौर में देश के भीतर भी पैनिक की स्थिति बन रही है।
सनसनीखेज रिपोर्टिंग और जनता में घबराहट
सरकार की चिंता का मुख्य विषय Unwarranted Sensationalism और अटकलों पर आधारित कंटेंट है।
मंत्रालय ने पाया कि Israel-Iran Conflict को लेकर कुछ चैनल बिना किसी पुख्ता प्रमाण के ऐसी खबरें चला रहे हैं जिससे जनता में डर बैठ रहा है।
खासकर उन परिवारों के लिए यह मानसिक तनाव का कारण बन रहा है जिनके परिजन Middle East Crisis और खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।
सोशल मीडिया पर भी Trending News India में मीडिया की इस गैर-जिम्मेदाराना भूमिका पर सवाल उठ रहे थे।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता टकराव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद गहराया है। US-Israel strikes on Iran के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी हमले तेज कर दिए हैं।
इस वजह से Crude Oil Prices में उछाल और Stock Market Volatility देखी जा रही है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं और सीमित Flight Operations के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही है।
ऐसे में वॉर गेम जैसे ग्राफिक्स और डरावनी आवाजों वाली रिपोर्टिंग उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश
मंत्रालय का यह कदम न्यूज रूम्स को यह याद दिलाने के लिए है कि Journalistic Ethics व्यापारिक मुनाफे से ऊपर हैं।
अक्सर नंबर 1 बने रहने के लिए Indian News Channels युद्ध को एक मनोरंजन की तरह पेश करने लगते हैं।
टीआरपी पर यह अस्थायी रोक चैनलों को Fact-based Reporting की ओर लौटने का मौका देगी।
अब दर्शकों को सनसनी के बजाय Verified News Updates मिलने की उम्मीद है, ताकि Strait of Hormuz Crisis जैसी संवेदनशील खबरों को गंभीरता के साथ पेश किया जा सके।

