मुंबई शर्मसार: पनवेल से एक बेहद चौंकाने वाली और खतरनाक घटना सामने आई है,
पनवेल से खांदेश्वर स्टेशन के बीच गुरुवार सुबह एक 18 साल के इंजीनियरिंग की छात्रा को चलती लोकल ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया गया।
यह घटना उस समय हुई, जब एक 50 साल के व्यक्ति अचानक महिलाओं के डिब्बे में घुस गया।
विरोध करने पर आरोपी ने गुस्से में आकर छात्रा को ट्रेन से बाहर फेंक दिया, इस घटना से लोकल यात्रियों में दहशत फैल गई।
महिला कोच में चढ़ने को लेकर हुई थी बहस
मुंबई शर्मसार: जानकारी के अनुसार लड़की सुबह करीब 8 बजे CSMT जाने वाली लोकल ट्रेन के महिला डिब्बे में सफर कर रही थी।
जैसे ही लोकल ट्रेन रवाना हुई तो 50 वर्षीय शेख अख्तर नवाज महिला डिब्बे में चढ़ गया, जब महिलाओं ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा तो वह बहस करने लगा।
बहस बढ़ने के बाद आरोपी ने गुस्से में लड़की को पीछे से जोरदार धक्का देकर चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया।
इस झटके से वह सीधे पटरी पर गिर गई, इस घटना में उसके सिर, कमर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आईं।
घायल हालत में पीड़िता ने पिता को किया फोन
मुंबई शर्मसार: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की के सिर, कमर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना के बाद, उसने अपने पिता को फोन करके चोट के बारे में बताया, उसके बाद युवती को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया,
जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
वारदात का आरोपी अख्तर नवाज खंडेश्वर स्टेशन पर उतरकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी सतर्क यात्रियों ने उसे पकड़ कर रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया।
यात्रियों ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया
मुंबई शर्मसार: जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अख्तर नवाज खंडेश्वर स्टेशन पर उतरकर भागने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि वहां मौजूद सतर्क यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा और रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया।
पनवेल रेलवे पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
कोर्ट ने आरोपी शेख अख्तर नवाज को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विजय तायडे द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी का कोई परिवार या रिश्तेदार नहीं है और वह अकेला रहता है।
शुरुआती जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मुंबई शर्मसार: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, जिसके कारण वह अक्सर यहां-वहां घूमता रहता है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसी मानसिक स्थिति की वजह से उसने इस खौफनाक कृत्य को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई और कारण था।
यह विचलित करने वाली घटना सुरक्षा व्यवस्था में एक ऐसे बड़े छेद की तरह है, जहां एक अनियंत्रित तत्व न केवल एक मासूम की जान खतरे में डाल देता है,
बल्कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के सुरक्षित महसूस करने के भरोसे को भी चकनाचूर कर देता है।

