मध्य प्रदेश में प्रेम संबंध के दबाव में इस्लाम अपनाने वाले एक युवक ने तीन साल बाद पुनः अपने मूल धर्म में वापसी की है।
शुभम गोस्वामी, जिन्हें धर्मांतरण के बाद अमन खान नाम दिया गया था, ने प्रताड़ना, दबाव और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर यह कदम उठाया।
उनकी धर्म में वापसी गुफा मंदिर परिसर में वैदिक विधि-विधान के साथ हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश: प्रेम के नाम पर धर्म परिवर्तन
शुभम गोस्वामी ने लगभग तीन वर्ष पहले एक प्रेम संबंध के चलते इस्लाम कबूल किया था।
धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें अमन खान नाम दिया गया और धीरे-धीरे उन पर धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बढ़ने लगा।
शुभम के अनुसार, उन्हें नमाज पढ़ने से लेकर मस्जिदों में रहने और अपनी पसंद के विपरीत नॉन-वेज खाना तक मजबूर किया गया।
उनके पहनावे, दिनचर्या और मिलने-जुलने पर भी नियंत्रण रखा जाता रहा।
शुभम का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद से ही उन्हें अपनी स्वतंत्रता खोने का एहसास होता रहा और मानसिक तनाव बढ़ता चला गया।
नौकरी छूट गई, माहौल हुआ असहनीय
धर्मांतरण के बाद शुभम करीब तीन वर्ष मुस्लिम बहुल इलाके में रहे। इसी दौरान उनकी नौकरी छूट गई, जिससे आर्थिक संकट भी पैदा हो गया।
युवकों के अनुसार, उन पर लगातार नजर रखी जाती थी और किसी भी प्रकार के विरोध पर धमकियां दी जाती थीं।
धीरे-धीरे यह स्थिति उनके लिए असहनीय हो गई। स्वतंत्रता की कमी, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक दबाव ने उन्हें इतना परेशान कर दिया कि वे किसी तरह इस माहौल से बाहर निकलने का तरीका तलाशने लगे।
तीन लोगों पर मामला दर्ज
अपनी स्थिति से मजबूर होकर शुभम 20 नवंबर को जहांगीराबाद थाना पहुंचे और अब्दुल नईम, अब्दुला नदीम और शमा के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें धर्म के नाम पर नियंत्रित किया गया और विरोध करने पर मानसिक उत्पीड़न किया गया।
शुभम ने 29 नवंबर को जनदर्शन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग को पूरी घटना बताई।
मंत्री ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई। इससे शुभम को सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी।
विधि-विधान से की घर वापसी
कानूनी सुरक्षा मिलने के बाद शुभम ने अपने मूल धर्म सनातन में लौटने का निर्णय लिया।
गुफा मंदिर में वैदिक अनुष्ठानों के साथ उनका शुद्धिकरण, हवन, मुंडन, उपनयन, गुरुदीक्षा और गोपूजन कराया गया। गंगाजल से अभिषेक कर वैदिक मंत्रों के बीच उनकी पुनः दीक्षा पूरी की गई।
इस कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शुभम को नए जीवन की शुरुआत पर शुभकामनाएँ दीं।
सनातन धर्म में लौटने के बाद शुभम ने कहा कि उन्हें वर्षों बाद मानसिक शांति और आज़ादी का एहसास हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल उनके लिए बेहद कठिन रहे और वे लगातार डर और दबाव में जीते रहे।

