मोदी का संदेश: भारतीय जनता पार्टी को लंबे इंतज़ार के बाद आज नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। भाजपा में आज से नितिन नबीन युग की शुरुआत हो गई है।
नितिन नबीन को आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। जैसे ही बीजेपी मुख्यालय के मंच से उनके नाम की घोषणा हुई,
पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनके नाम का ऐलान किया गया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा- “नितिन नबीन को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
नितिन नवीन जी मेरे बॉस हैं, मैं तो एक कार्यकर्ता हूँ।”
मोदी का संदेश: इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नितिन नबीन इस पद पर आसीन होने वाले भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया है, जो वर्ष 2020 से अध्यक्ष पद पर थे।
उनके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए। नितिन नबीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।
जेपी नड्डा ने दी शुभकामनाएं
जेपी नड्डा ने नितिन नबीन को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है।
दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को अब एक युवा, ऊर्जावान और प्रतिभाशाली नेतृत्व मिला है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से वे नितिन नबीन को दिल से शुभकामनाएं देते हैं और 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हैं।
पार्टी के साथ जन्मी नई पीढ़ी का चेहरा
पीएम मोदी और जेपी नड्डा के अलावा अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी जैसे बड़े नेताओं ने भी उनके प्रस्ताव का समर्थन किया।
नितिन नबीन के लिए कुल 37 नामांकन दाखिल किए गए, जिनमें से 36 नामांकन प्रदेश इकाइयों की ओर से और एक संसदीय दल की तरफ से आया।
केंद्र सरकार ने नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। यह घोषणा मंगलवार सुबह उनके कार्यभार संभालने से पहले की गई।
केंद्रीय सुरक्षा सूची में VIP सुरक्षा कवर की श्रेणियां Z-प्लस (ASL), Z-प्लस, Z, Y, Y-प्लस और X होती हैं।
जेपी नड्डा की विदाई नहीं, सिर्फ भूमिका में बदलाव
भाजपा की परंपरा रही है कि अनुभवी अध्यक्षों को या तो सरकार में या रणनीतिक एवं वैचारिक भूमिका में स्थान दिया जाता है।
जेपी नड्डा पार्टी या राजनीति से अलग नहीं हो रहे हैं। वे भले ही अध्यक्ष पद से हटें, लेकिन पार्टी में उनकी जिम्मेदारी नए रूप में जारी रहेगी।
यह विदाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का बदलाव है। नड्डा का अनुभव आने वाले समय में पार्टी के लिए बैकएंड स्ट्रेंथ के रूप में काम करता रहेगा।

