Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के बीच भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हालिया हवाई हमलों के बाद उपजे तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 मार्च 2026) रात कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कूटनीतिक रास्तों पर चर्चा करना था।
CCS की बैठक और भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में हुई CCS की बैठक में शनिवार (28 फरवरी) को ईरान पर हुए हमलों और उसके बाद खाड़ी देशों में पैदा हुई अस्थिरता की विस्तार से समीक्षा की गई।
सरकार ने विशेष रूप से उन भारतीय प्रवासियों और छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई जो वर्तमान में प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे संकट में फंसे नागरिकों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाएं।
भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया कि हिंसा का समाधान केवल युद्धविराम (Ceasefire) और कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही संभव है।
96 लाख भारतीयों की सुरक्षा का बड़ा सवाल
मिडिल ईस्ट में भारत का बहुत बड़ा हित जुड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में लगभग 96 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनमें से करीब 10,000 अकेले ईरान में हैं।
ईरान पर ऑपरेशन रोरिंग लायन और Operation Epic Fury के बाद कई देशों ने अपने हवाई मार्ग (Airspace) बंद कर दिए हैं, जिससे यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय दूतावासों के निरंतर संपर्क में रहने की सलाह दी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान और इजरायल के समकक्षों से बात कर संयम बरतने की अपील की है।
पीएम मोदी और नेतन्याहू की फोन पर बातचीत
क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर लंबी चर्चा की।
इस दौरान मोदी ने साफ लफ़्ज़ों में कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के बीच आम नागरिकों (Civilians) की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए लिखा कि हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया गया और हिंसा को जल्द से जल्द रोककर शांति बहाली पर जोर दिया गया।
UAE के साथ एकजुटता और आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की। उन्होंने UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने संकट की इस घड़ी में UAE के साथ भारत की एकजुटता दोहराई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
भारत का मानना है कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
क्या है ऑपरेशन रोरिंग लायन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी । Operation Roaring Lion
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक संयुक्त अभियान चलाया।
इसे Operation Roaring Lion और Operation Epic Fury का नाम दिया गया है। इन मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद से ही पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
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