Saturday, March 7, 2026

CM योगी की मां पर मौलाना अब्दुल्ला की भद्दी टिप्पणी: मचा बवाल, गिरफ्तारी की उठी मांग

CM योगी की मां पर मौलाना अब्दुल्ला की भद्दी टिप्पणी: बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक एक वायरल वीडियो (Viral Video) ने सांप्रदायिक और राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

बिहार के चर्चित मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की वृद्ध माता के खिलाफ की गई आपत्तिजनक और भद्दी टिप्पणी ने समाज के हर वर्ग में रोष पैदा कर दिया है।

मजहबी जलसे में भाषाई मर्यादा की सारी हदें पार

यह पूरा मामला बिहार के एक मजहबी जलसे का है, जहां रमजान के मौके पर Maulana Abdullah Salim अपनी तकरीर (भाषण) दे रहे थे।

उत्तर प्रदेश में गौकशी के खिलाफ सख्त कानून (Anti-Cow Slaughter Law in UP) की आलोचना करते हुए मौलाना ने अचानक व्यक्तिगत हमला शुरू कर दिया।

मौलाना ने मुख्यमंत्री की मां का नाम लेते हुए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जो न केवल अभद्र हैं, बल्कि किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हैं।

योगी की अम्मा का गोश्त, मौलाना के जहरीले बोल

सोशल मीडिया पर ट्विटर और फेसबुक (Social Media Trends) पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उकसाने वाले अंदाज में कहा कि यूपी में कानून ऐसा बना दिया गया है,

यदि किसी के पास मुख्यमंत्री की अम्मा का गोश्त भी मिल जाए, तो पुलिस एनकाउंटर कर देती है।

मौलाना ने बार-बार योगी की अम्मा का गोश्त जैसे शर्मनाक वाक्यों को दोहराकर उपस्थित भीड़ को उकसाने और यूपी की कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की।

यूपी पुलिस और एनकाउंटर नीति पर तंज

मौलाना ने केवल अपमानजनक टिप्पणी ही नहीं की, बल्कि यूपी प्रशासन का मजाक भी उड़ाया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर किसी के पास महज 250 ग्राम मांस भी मिल जाए, तो प्रशासन उसे अपराधी मानकर उसके पैरों में गोली मार देता है।

UP Police Encounter और अपराधियों पर हो रही सख्त कार्रवाई को मौलाना ने एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का जरिया बताया, जिसमें उन्होंने एक ऐसी महिला को घसीटा जिनका राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।

हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं में भारी आक्रोश

इस बयान के वायरल होने के बाद Hindu Organizations और BJP Leaders ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

सोशल मीडिया पर #ArrestMaulanaAbdullah जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं। नेताओं का तर्क है कि मजहबी मंचों का इस्तेमाल आध्यात्मिक शिक्षा के बजाय नफरत फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि एक मुख्यमंत्री की मां के खिलाफ जहर उगलना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी, क्या दर्ज होगी FIR?

सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस भड़काऊ भाषण का संज्ञान ले लिया है।

बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी (FIR Registration) दर्ज करने की मांग की जा रही है।

सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचने की धाराओं के तहत पुलिस जल्द ही मौलाना अब्दुल्ला सलीम को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है।

लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी की माता और परिवार को लेकर ऐसी घृणित भाषा का इस्तेमाल करना नैतिक और कानूनी रूप से गलत है। अब देखना यह होगा कि बिहार और यूपी प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।

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