Friday, April 4, 2025

Manoj Kumar: एक सांस आती है, अगली आएगी या नहीं किसी को नहीं पता – जीवन का यही सत्य है

Manoj Kumar: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। गुरुवार सुबह उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

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मनोज कुमार का पुराना वीडियो आया सामने

अभिनेता के निधन के बाद, उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे जीवन की नश्वरता और मृत्यु की अनिश्चितता पर बात करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वे कहते हैं कि जीवन क्षणभंगुर है और कोई नहीं जानता कि अगले पल क्या हो सकता है। वे अपने अनुभव साझा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले युवाओं के लिए दुआएं भी करते दिख रहे हैं।

“अगले पल क्या हो जाए? क्या पता”

Manoj Kumar: मनोज कुमार वीडियो में कहते हैं, “देखिए, इस पल यह है, अगले पल क्या हो जाए? क्या पता। एक सांस आती है, दूसरी सांस आएगी कि नहीं, इसका कोई भरोसा नहीं। अगले क्षण क्या होगा, इसकी भविष्यवाणी कोई ज्योतिष भी नहीं कर सकता।” उनके इन शब्दों ने उनके प्रशंसकों और चाहने वालों को भावुक कर दिया है।

Manoj Kumar: नौजवानों के लिए शुभकामनाएं

इस वीडियो में वे आगे कहते हैं, “मैं प्रभु से प्रार्थना करता रहता हूं कि हे प्रभु, जैसे मैं आंखों में सपने लिए यहां (मुंबई) आया था, वैसे ही अन्य लोग भी यहां आते हैं। आप सभी को सफलता दें, सबके सपने साकार हों, मैं सबका शुभचिंतक हूं।”

Manoj Kumar: बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे

मनोज कुमार को उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 21 फरवरी, 2025 को कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की पुष्टि कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल के सीईओ और कार्यकारी निदेशक डॉ. संतोष शेट्टी ने की। उन्होंने कहा, “अभिनेता मनोज कुमार जी का सुबह लगभग 3 बजकर 30 मिनट पर निधन हो गया। वह पिछले कुछ हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे।”

‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर थे मनोज कुमार

Manoj Kumar: मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में देशभक्ति से जुड़े उनके दमदार किरदारों के लिए जाना जाता था। उन्होंने कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया और अपनी कला से सिनेप्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनकी फिल्मों ने न केवल देशभक्ति को नई ऊंचाइयां दीं, बल्कि उन्होंने सिनेमा के माध्यम से समाज को जागरूक करने का भी काम किया।

उनका जाना भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी कला और विचार हमेशा अमर रहेंगे।

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