Wednesday, March 18, 2026

Manipur violence: अमित शाह के निर्देश- ‘मणिपुर में आवाजाही के लिए खोलो सारे रास्ते, अवरोध पैदा करने वालों से सख्त से निपटें’

Manipur violence: हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में शांति बहाल करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है। मणिपुर फिलहाल सेना के हवाले है और वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू है। नई दिल्ली में शनिवार (1 मार्च 2025) को एक उच्चस्तरीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने 8 मार्च से मणिपुर की सभी सड़कों पर मुक्त आवाजाही सुनिश्चित का निर्देश दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, राज्य के शीर्ष अधिकारी, सेना के अधिकारी, अर्धसैनिक बल के अधिकारी शामिल हुए।

Manipur violence: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में अमित शाह ने कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए फेंसिंग लगाने की गति को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “(आम लोगों से) जबरन वसूली के सभी मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।”

कहा, ड्रग नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त किया जाए

केंद्रीय गृह मंत्री ने मणिपुर को नशामुक्त बनाने के लिए अधिकारियों से पूरे नशीली दवाओं के व्यापार को खत्म करने और ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए कहा है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने बैठक के मणिपुर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद इस तरह की यह पहली समीक्षा बैठक थी।

राज्यपाल के अल्टीमेटम के बाद शाह ने ली बैठक

सुरक्षा समीक्षा राज्यपाल भल्ला द्वारा 20 फरवरी को जारी किए गए अल्टीमेटम के मद्देनजर की गई है। राज्यपाल ने अवैध रखे गए और पुलिस एवं सुरक्षाबलों से लूटे गए हथियारों को लोगों से सरेंडर करने के लिए कहा था। राज्यपाल के अल्टीमेटम के बाद सात दिनों की अवधि में 300 से अधिक हथियार समर्पित कर दिए गए। इनमें से अधिकतर हथियार घाटी के जिलों में थे। मैतेई समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा लगभग 246 हथियार जमा किए गए। राज्यपाल ने लोगों के अनुरोधों पर अवैध और लूटे गए हथियारों को जमा करने की समय सीमा 6 मार्च को शाम 4 बजे तक बढ़ा दी है।

यह भी पढ़े: Rajasthan News: विधानसभा में फिर मर्यादा तार-तार, डोटासरा के बाद अब कांग्रेस विधायक घोघरा बोले- “…मेरा जूता बात करेगा’

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article