मजहबियों ने की हिंदू युवक की पिटाई: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित मशहूर देवा शरीफ दरगाह परिसर से एक विवादित घटना सामने आई है,
जिसमें एक हिंदू युवक के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता करने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि युवक के माथे पर तिलक लगा होने के कारण कुछ लोगों ने उसे निशाना बनाया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
दरगाह पर चादर चढ़ाने गया हिंदू
मजहबियों ने की हिंदू युवक की पिटाई: बताया जा रहा है कि यह घटना देवा कस्बे के नगर कोतवाली क्षेत्र की है। दशहराबाग वार्ड निवासी हरीश शर्मा अपनी पड़ोसी महिला आयशा बानो के साथ दरगाह में चादर चढ़ाने के लिए पहुंचे थे।
जानकारी के मुताबिक आयशा बानो दरगाह के अंदर चादर चढ़ाने के लिए चली गईं, जबकि हरीश शर्मा बाहर ही खड़े होकर उनका इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान वहां मौजूद कुछ दुकानदारों से उनका विवाद हो गया।
माथे पर लगा तिलक धुलवाया जाएगा
पीड़ित हरीश शर्मा का आरोप है कि एक दुकानदार ने उन्हें अपमानजनक तरीके से संबोधित करते हुए रोका और उनके साथ मारपीट की।
युवक का कहना है कि दुकानदार ने उन्हें जबरन पकड़ लिया और पास की दुकान तक घसीट कर ले गया।
आरोप है कि इसके बाद युवक के माथे पर लगा तिलक पानी डालकर जबरन धुलवाया गया। इस दौरान युवक के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया गया।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति युवक को पकड़कर ले जाता दिखाई दे रहा है और उसके सिर पर पानी डाल रहा है।
हालांकि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
पीड़ित ने की पुलिस में शिकायत
घटना के बाद पीड़ित हरीश शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं आयशा बानो ने भी पुलिस को दिए बयान में पुष्टि की कि उनके साथ आए युवक के साथ मारपीट की गई और उसका तिलक जबरन धुलवाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए देवा कोतवाली प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान एक आरोपित को हिरासत में लिया है। इसके अलावा वायरल वीडियो और अन्य सबूतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो या अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी तरह की अशांति रोकने के लिए सतर्कता बरत रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

