हिंदू समुदाय को खातून बोली अपशब्द: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक भाषा और नफरत फैलाने के एक मामले में पुलिस ने एक मुस्लिम महिला को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद की गई, जिसमें महिला पर हिंदू समाज, विशेष रूप से भगवा पहनने वालों और हिंदू युवतियों के खिलाफ अभद्र और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है।
हिंदू समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयान
हिंदू समुदाय को खातून बोली अपशब्द: पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान समरीन निशा के रूप में हुई है। वह देहात थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव की रहने वाली है।
सोशल मीडिया पर वह खुद को “भाभीजान” नाम से प्रस्तुत करती है और इसी नाम से उसके वीडियो और पोस्ट सामने आए हैं।
बताया गया है कि समरीन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उसने खुले तौर पर हिंदू समुदाय के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक,
अशोभनीय और धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया।
वीडियो में न केवल गालियां दी गईं, बल्कि हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक संकेत भी किए गए। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
सोशल मीडिया पर विरोध
वीडियो वायरल होते ही कई लोगों ने इसका विरोध किया। खास तौर पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे समाज में तनाव फैलाने वाला बताया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
लोगों का कहना था कि इस तरह की भाषा न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अमरोहा निवासी प्रतीक शर्मा ने देहात थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला ने जानबूझकर एक खास समुदाय को निशाना बनाकर नफरत फैलाने की कोशिश की है और उसके शब्दों से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
निशा को किया गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान वायरल वीडियो, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल सबूतों की समीक्षा की गई।
पुलिस ने पाया कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा कानून के दायरे में अपराध की श्रेणी में आती है।
इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद समरीन निशा को गिरफ्तार कर लिया गया।
आपत्तिजनक भाषा नहीं की जाएगी बर्दाश्त
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया एक सार्वजनिक मंच है और यहां की गई किसी भी पोस्ट या वीडियो का समाज पर सीधा असर पड़ता है।
यदि कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल नफरत, गाली-गलौज या हिंसा भड़काने के लिए करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी तरह की भड़काऊ या अपमानजनक सामग्री साझा करने से बचें।
साथ ही अगर किसी को इस तरह की पोस्ट दिखाई दे, तो उसे आगे फैलाने के बजाय पुलिस या संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराएं।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस वीडियो के पीछे किसी तरह की साजिश या उकसावे की भूमिका तो नहीं है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में शांति और भाईचारा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और इसे बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

