Friday, February 6, 2026

श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन से राजस्थान में शोक की लहर

उदयपुर: मेवाड़ राजवंश से जुड़ी एक शोक संतप्त खबर ने आज पूरे राजस्थान को दुखी कर दिया है। श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ का आज सुबह एक लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन से पूरे मेवाड़ क्षेत्र में गहरा शोक छाया हुआ है।

श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़, जो मेवाड़ राजघराने के 76वें संरक्षक थे, उनका जन्म 13 दिसंबर 1944 को उदयपुर सिटी पैलेस में हुआ था। वे न केवल एक राजसी व्यक्तित्व थे, बल्कि अपने सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए भी जाने जाते थे। उनके नेतृत्व में मेवाड़ ने कई सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाएं देखीं।

उनके निधन पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा, “श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ का जाना न केवल मेवाड़ के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे।”

श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन की खबर से सोशल मीडिया पर भी गहरी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कई प्रमुख हस्तियों और आम जनता ने भी उनके निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। आज और आने वाले दिनों में, उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ अंचल में शोक सभाएं और प्रार्थना सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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Mudit
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लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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