जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: चंडीगढ़ की एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ कथित रूप से जबरन धर्मांतरण और निकाह किए जाने का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी युवक नाजिम को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पीड़िता के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामला केवल भावनात्मक शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नाबालिग से छेड़छाड़, अवैध रूप से बंधक बनाए जाने, पहचान छिपाने और धार्मिक दबाव जैसे गंभीर पहलू भी शामिल हैं।
परिजनों का आरोप, पहचान छिपाकर रचा गया जाल
जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि नाजिम ने पहले अपनी पहचान छिपाई और दोस्ती के नाम पर नाबालिग का भरोसा जीता।
धीरे-धीरे भावनात्मक दबाव बनाकर उसे घर से दूर ले जाया गया और बाद में कथित रूप से धर्म बदलवाकर निकाह किया गया।
परिजनों का कहना है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, ऐसे में यह मामला POCSO एक्ट और धार्मिक स्वतंत्रता कानून के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
UP पुलिस की कार्रवाई, FIR दर्ज, आरोपी सलाखों के पीछे
जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी संजीव कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ जारी है, लड़की को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उम्र, निकाह व धर्मांतरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई संगठित नेटवर्क या अन्य लोग भी शामिल हैं।
युवती के बयान से हुआ नया खुलासा
जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: पुलिस ने तीन दिन पहले युवती को बरामद कर लिया था।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब युवती ने अपने बयान में कहा कि वह पिछले 7 साल से नाजिम के साथ अपनी मर्जी से रह रही है और उसके घर वालों को भी इससे कोई दिक्कत नहीं है।
दूसरी तरफ, हिंदू संगठनों का दावा है कि युवती नाबालिग है और उस पर दबाव डालकर ऐसा बयान दिलवाया जा रहा है।
हालाँकि पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है ताकि युवती की वास्तविक उम्र का पता चल सके और सच का खुलासा हो।
क्या कहता है कानून?
जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी पर नाबालिग से संबंधित गंभीर धाराएं, जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून, धोखाधड़ी और अपहरण व अवैध निकाह जैसे कई प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है।
समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी
जबरन निकाह व धर्मांतरण मामला: यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि नाबालिगों की सुरक्षा, सोशल मीडिया के ज़रिए बढ़ते संपर्क और पहचान छिपाकर किए जाने वाले अपराधों पर प्रशासन और समाज को कितनी सतर्कता बरतनी होगी।
बता दें कि यह पूरा मामला अभी जांचाधीन है और सबूतों के आधार पर आरोपी को कानून के अनुसार दोषी या निर्दोष ठहराकर कार्रवाई की जाएगी।

