सोनभद्र में लैंड जिहाद: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आदिवासी जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है।
सूत्रों के हवाले से ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ मुस्लिम आदिवासी महिलाओं से शादी कर उनके नाम पर जमीन खरीद रहे हैं और बाद में उन जमीनों पर अपने परिचितों को बसाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन ने इसकी जाँच शुरू कर दी है।
जाँच में सामने आए कई संदिग्ध मामले
रिपोर्ट के अनुसार सोनभद्र के दुद्धी कस्बे और आसपास के गाँवों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि जिले में 100 से अधिक मामलों की जाँच चल रही है, जिनमें आदिवासी महिलाओं के नाम पर जमीन खरीदे जाने का मामला सामने आया है।
कुछ संगठनों ने इन घटनाओं को “लैंड जिहाद” का नाम दिया है और आरोप लगाया है कि योजनाबद्ध तरीके से जनजातीय क्षेत्रों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
हालाँकि प्रशासन अभी इन दावों की जाँच कर रहा है और आधिकारिक रूप से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जमीन खरीदने के अलग-अलग तरीके
जाँच में यह भी बताया गया कि जमीन हासिल करने के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं।
इनमें प्रेम विवाह, लालच देकर, दबाव बनाकर या अन्य परिस्थितियों में शादी करने के बाद जमीन खरीदने के आरोप शामिल हैं।
बताया गया कि कुछ मामलों में आदिवासी महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर जमीन खरीदवाई गई।
बाद में उस जमीन पर कब्जा किसी दूसरे व्यक्ति का पाया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह जमीन कागजों में जनजातीय महिला के नाम दर्ज है, लेकिन उसका उपयोग दूसरे लोग कर रहे हैं।
बहादुर अली का मामला चर्चा में
इन मामलों में एक नाम बहादुर अली का भी सामने आया है। आरोप है कि उसने एक जनजातीय महिला से कोर्ट में शादी की।
उसके बाद पत्नी के नाम पर कई जगह जमीन खरीदी। बताया जा रहा है कि कुल 19 स्थानों पर जमीन की खरीद की गई।
जाँच के दौरान बातचीत में उसने यह स्वीकार किया कि अगर जमीन सीधे उसके नाम होती तो उसे जनजातीय जमीन खरीदने की अनुमति नहीं मिलती।
इसलिए जमीन पत्नी के नाम पर ली गई। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा हो रही है।
युवती ने लगाए दबाव के आरोप
इसी बीच गाँव की एक युवती ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सुरक्षा कारणों से उसका नाम बदलकर रजनी बताया गया है।
रजनी का कहना है कि उस पर शादी करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया था।
उसने बताया कि जब उसने इनकार किया तो उसे धमकियाँ भी दी गईं। ऐसे आरोप सामने आने के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
कई लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
गाँवों में बढ़ रहा विवाद
जमीन के इन मामलों को लेकर कुछ गाँवों में तनाव की स्थिति भी देखी जा रही है।
बघाडू और आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीणों का कहना है कि पहले शादी की जाती है और फिर महिला के नाम से जमीन खरीदी जाती है।
बाद में जमीन को किसी अन्य व्यक्ति के नियंत्रण में देने की कोशिश होती है।
हालाँकि कुछ लोग इन आरोपों को गलत भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अंतरजातीय विवाह कानून के तहत वैध हैं और जमीन की खरीद-फरोख्त भी नियमों के अनुसार की गई है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। अभिषेक वर्मा ने कहा है कि सभी मामलों की जाँच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें दस्तावेजों की जाँच कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन किया है या गलत तरीके से जमीन हासिल की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जाँच में जुटा हुआ है।

