Thursday, February 26, 2026

कुलदीप सेंगर केस: बेटी ऐश्वर्या का अमित शाह को पत्र, पीड़िता की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक भावनात्मक पत्र लिखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पत्र में उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, लेकिन वजह ने इस पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

“रिहाई हुई तो आत्महत्या” वाले बयानों पर चिंता

ऐश्वर्या सेंगर ने पत्र में लिखा है कि पीड़िता बार-बार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से यह बयान दे रही है कि यदि कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलती है या रिहा किया जाता है, तो वह आत्महत्या कर लेगी।

ऐश्वर्या के अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक बयान न केवल खतरनाक हैं, बल्कि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी उनके पिता पर डालने की भूमिका भी तैयार करते हैं।

किसी अनहोनी का ठीकरा पिता पर फोड़ने की आशंका

पत्र में ऐश्वर्या ने आशंका जताई कि यदि पीड़िता या उसके परिवार के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी होती है, तो उसका सीधा आरोप कुलदीप सिंह सेंगर पर मढ़ दिया जाएगा, भले ही उस घटना से उनका कोई संबंध न हो। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए लगातार मानसिक दबाव और भय का कारण बताया।

2018 के आत्मदाह प्रयास का उल्लेख

ऐश्वर्या ने गृहमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। उस घटना के बाद मीडिया दबाव के चलते मामला दर्ज हुआ और उनके पिता को गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार, उस समय से ही केस ने कानूनी से ज्यादा राजनीतिक और मीडिया ट्रायल का रूप ले लिया।

2019 की सड़क दुर्घटना पर सवाल

पत्र में 2019 की उस सड़क दुर्घटना का भी जिक्र है, जिसमें पीड़िता घायल हुई थी और उसके कुछ रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। ऐश्वर्या ने लिखा कि इस हादसे की जांच सीबीआई, आईआईटी दिल्ली, सीएफएसएल और सीआरआरआई जैसी संस्थाओं ने की थी, और सभी ने इसे दुर्घटना माना था। दिल्ली की अदालत ने इस मामले में कुलदीप सेंगर को बरी कर दिया था और उस फैसले के खिलाफ कोई अपील भी दायर नहीं हुई थी।

“फैसले के बाद भी आरोपों की राजनीति”

ऐश्वर्या का कहना है कि अदालत से राहत मिलने के बावजूद मीडिया और पीड़िता का पक्ष आज भी उनके पिता को हत्या के प्रयास के आरोप में दोषी ठहराता है। उनके मुताबिक, यह न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसे को कमजोर करता है और एकतरफा धारणा बनाता है।

मीडिया ट्रायल पर सीधा आरोप

पत्र में मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ऐश्वर्या ने लिखा कि इस केस में मीडिया कवरेज ने एक तय नैरेटिव गढ़ दिया, जिससे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार ही छिन गया। जैसे ही कोई राहत देने वाला फैसला आता है, तुरंत विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू हो जाते हैं, जो परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक होता है।

पीड़िता की सुरक्षा और मीडिया संयम की मांग

ऐश्वर्या सेंगर ने मांग की कि पीड़िता को पूरी और निरंतर सुरक्षा दी जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया का दुरुपयोग रोका जाना चाहिए, ताकि संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग हो सके।

“यह सहानुभूति नहीं, न्याय की अपील है”

पत्र के अंत में ऐश्वर्या ने स्पष्ट किया कि यह अपील उनके परिवार के लिए सहानुभूति मांगने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि न्याय, कानून और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा के लिए है।

जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

गौरतलब है कि 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले को रद्द कर दिया, जिससे सेंगर की जमानत समाप्त हो गई।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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