मजहबियों ने थाने पर किया पथराव: मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में गुरुवार 5 मार्च की रात एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अचानक तनावपूर्ण माहौल बन गया।
एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज लोगों की भीड़ ने शहर के मोघट रोड थाना का घेराव कर दिया।
देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और हालात ऐसे हो गए कि पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट से हुई। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति ने एक मौलवी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी।
जैसे ही यह पोस्ट लोगों के बीच फैलने लगी, कई लोग नाराज हो गए। फरियादी मुजाहिद कुरैशी और अन्य लोगों ने इस पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मोघट रोड थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत शिकायत पर कार्रवाई की और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी,
लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग शांत नहीं हुए और थाने के बाहर भीड़ बढ़ने लगी।
थाने के बाहर बढ़ी भीड़, माहौल हुआ तनावपूर्ण
जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, थाने के बाहर लोगों की संख्या भी बढ़ती चली गई। कई लोग नारेबाजी करने लगे और माहौल धीरे-धीरे गर्म होता गया।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ उपद्रवी लगातार लोगों को भड़काते रहे।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब भीड़ के कुछ लोग थाने के भीतर घुस गए और वहां हंगामा करने लगे। इसी दौरान थाने के अंदर और बाहर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं।
इससे पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
टीआई के साथ धक्का-मुक्की
हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों के साथ भी बदसलूकी की। बताया गया कि भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने थाने के प्रभारी अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी कॉलर तक पकड़ ली।
यह स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई थी। पुलिस लगातार भीड़ को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जब हालात काबू से बाहर होने लगे तो पुलिस को सख्त कदम उठाना पड़ा।
पुलिस का लाठीचार्ज और भगदड़
भीड़ के उग्र होते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करने की कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग भागने लगे।
भगदड़ के दौरान सड़क पर कई लोगों के जूते-चप्पल बिखरे हुए दिखाई दिए।
इसके बाद पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान भी चलाया और हंगामा करने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी।
युवती के साथ मारपीट का मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और गंभीर मामला सामने आया। बताया गया कि भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने एक युवती के साथ मारपीट और बदसलूकी की।
युवती के अनुसार करीब आठ से दस युवकों ने उसे घेर लिया और उसके साथ धक्का-मुक्की की।
इस घटना में युवती के चेहरे और सिर पर चोटें आईं। बाद में वह रोते हुए थाने पहुंची और उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले को भी गंभीरता से लेते हुए आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए कुल 47 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इनमें 22 लोगों को नामजद किया गया है जबकि बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में पुलिस का फ्लैग मार्च
घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शहर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
साथ ही नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे किसी भी भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें और ऐसी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल खंडवा में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

