Khamenei Post Controversy: तेलंगाना के महबूबनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक हिंदू युवक पर इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसक भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया।
हमले का कारण बस इतना था कि उसने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से जुड़ा एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया था।
पीड़ित ने बताया कि भीड़ ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से कुचला और मारपीट की। बताया जा रहा है कि अगर सामने वाले दुकानदार ने पीड़ित व्यक्ति को न बचाया होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे हुआ हमला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित बी संतोष कुमार महबूबनगर के सरकारी अस्पताल के पास फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान चलाता है।
उसने 1 मार्च को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर एक स्टोरी पोस्ट की थी। यह पोस्ट स्थानीय ग्रुप्स में वायरल हो गई, जिससे कुछ इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए।
बताया जा रहा है कि रात करीब 9 बजे जब संतोष अपनी दुकान के बाहर बैठा था, तब पहले 7 लोग उसके पास आए और अचानक उसे पीटना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते 15-20 लोग और वहां आ पहुंचे और पूरी भीड़ उसे लात-घूंसों से मारने लगी। संतोष ने बताया, वे लोग उसे जमीन पर गिराकर पैरों से कुचल रहे थे। वह रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन मज़हबियों ने उसकी एक न सुनी।
दुकानदार की सूझबूझ ने बचाई जान
रिपोर्ट्स के अनुसार, संतोष के गले, पीठ और होंठों पर गंभीर चोटें आई हैं। उसने बताया कि सामने की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने हिम्मत दिखाई और उसे भीड़ से खींचकर बाहर निकाला, जिससे उसकी जान बच सकी।
लेकिन खतरा यहीं खत्म नहीं हुआ। संतोष का दावा है कि आधी रात के बाद भी हमलावर उसे ढूंढते हुए उसकी दुकान के पास आए थे।
फिलहाल वह डरा हुआ है और अपनी दुकान खोलने के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग कर रहा है।
पुलिस कार्रवाई जारी
महबूबनगर के डीएसपी वेंकटेश्वरलू ने पुष्टि की कि हमला सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद की वजह से ही हुआ था।
पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को आरोपित बताया है, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई।
बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने मारपीट, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
डीएसपी ने जनता से यह भी अपील की है कि रमजान, होली और ईद जैसे त्योहारों के समय सोशल मीडिया पर कोई भी संवेदनशील पोस्ट न डालें।
उन्होंने कहा, अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट दिखती है, तो कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
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