करवा चौथ 2025: करवा चौथ का पर्व सुहागन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं — यानी बिना पानी पिए और बिना कुछ खाए पूरे दिन उपवास करती हैं।
शाम को चांद निकलने के बाद पूजा के साथ व्रत खोला जाता है। लेकिन जब बात डायबिटीज और हाई बीपी जैसी बीमारियों की आती है, तो ऐसे व्रत स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि क्या इन मरीजों को व्रत रखना चाहिए और अगर रखें तो किन बातों का ध्यान जरूरी है।
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करवा चौथ 2025: डायबिटीज और बीपी के मरीजों के लिए क्यों है व्रत चुनौतीपूर्ण
करवा चौथ 2025: डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को लंबे समय तक खाली पेट रहने की सलाह नहीं दी जाती। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह स्थिति ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन पैदा कर सकती है — कभी बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) तो कभी बहुत ज्यादा (हाइपरग्लाइसीमिया)।
वहीं बीपी के मरीजों के लिए लंबे समय तक पानी न पीना डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का कारण बन सकता है, जिससे चक्कर, थकान या हार्टबीट तेज होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
करवा चौथ 2025: व्रत से पहले क्या करें तैयारी
अगर आप डायबिटीज या बीपी के मरीज हैं और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती हैं, तो पहले अपनी हेल्थ कंडीशन को समझना जरूरी है।
अपने डॉक्टर से व्रत रखने की अनुमति और गाइडेंस जरूर लें।
यदि आपकी शुगर और बीपी दोनों कंट्रोल में हैं, तभी व्रत रखें।
करवा चौथ 2025: सरगी में ऐसी चीजें खाएं जो फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर हों — जैसे दलिया, ओट्स, सूखे मेवे, फल और दही।
हाइड्रेशन के लिए रातभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
करवा चौथ 2025: व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
अगर संभव हो, तो पूरे दिन निर्जला न रहें — पानी या बिना शुगर वाली लिक्विड चीजें (जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ) समय-समय पर लेते रहें।
तेज धूप या ज्यादा मेहनत वाले कामों से बचें ताकि शरीर में एनर्जी बनी रहे।
किसी भी तरह की कमजोरी, कंपकंपी, थकान या चक्कर महसूस होते ही व्रत तोड़ दें।
करवा चौथ 2025: व्रत खोलते समय मीठा या तला-भुना भोजन एकदम से न खाएं, इससे ब्लड शुगर और बीपी अचानक बढ़ सकता है।
करवा चौथ 2025: व्रत खोलते समय क्या खाएं
व्रत खोलने के बाद हल्का और पौष्टिक भोजन लें।
सबसे पहले थोड़ा पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट करें।
उसके बाद फल, सूप या खिचड़ी जैसी हल्की चीजें खाएं।
करवा चौथ 2025: धीरे -धीरे सामान्य आहार पर लौटें, ताकि शरीर पर अचानक बोझ न पड़े।
जरूरी संदेश
करवा चौथ 2025: करवा चौथ का व्रत भक्ति और प्रेम का प्रतीक है, लेकिन अपनी सेहत से समझौता करना बुद्धिमानी नहीं है।
अगर आपकी सेहत अनुमति नहीं देती, तो आप ‘सेहतमंद करवा चौथ’ का विकल्प चुन सकती हैं — यानी सीमित उपवास, हल्का भोजन और पर्याप्त हाइड्रेशन।
भगवान के प्रति आस्था और पति की दीर्घायु की भावना उतनी ही सच्ची रहेगी, भले आप निर्जला न रहें।

