आये दिन विवादों में घिरा रहने वाला JNU , एक बार फिर सुर्ख़ियों में नज़र आ रहा है। इसबार इसके चर्चा में आने की वजह यहाँ उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में हुआ प्रोटेस्ट है। इस प्रोटेस्ट में मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए गए, जिनमे कहा गया -” मोदी – शाह तेरी खबर खुदेगी ”
बताया जा रहा है की ये नारे उन छात्रों द्वारा लगाए गए है जो उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत नामंजूर होने का विरोध कर रहे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हालांकि JNU स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष अदिति मिश्रा का कहना है इस तरह का प्रोटेस्ट, छात्रों द्वारा हर साल किया जाता है। यह प्रोटेस्ट 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए होता है।
इसी के साथ मिश्रा ने न्यूज एजेंसी PTI को यह भी बताया कि विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं करते थे। वे किसी के लिए निर्देशित नहीं थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’, ‘अंबानी राज की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ और ‘अडानी की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद विवाद गहरा गया है।
लम्बी क़ानूनी सुनवाई, और शरजील – खालिद का केस
रिपोर्ट्स की माने तो नारेबाजी और प्रदर्शन रात के समय साबरमती हॉस्टल के बाहर हुआ। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नारेबाज़ी की। सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारे
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारे लगाए। इस नारेबाज़ी को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
शरजील इमाम और उमर खालिद पर क्या हैं आरोप
शरजील इमाम पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। उस पर कथित तौर पर ‘चिकन नेक’ को काटकर भारत से नॉर्थ ईस्ट को अलग करने की बात कहने का आरोप है। वहीं उमर खालिद पर दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
नारेबाज़ी पर बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
JNU में हुई घटना पर बीजेपी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। इस नारेबाज़ी को लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया गया।
कपिल मिश्रा का X पर तीखा बयान
बीजेपी नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“सांपों के फन कुचले जा रहे हैं तो सपोले बिलबिला रहे हैं। JNU में नक्सलियों, आतंकियों और दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारे लगाने वाले हताश हैं, क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहे हैं, आतंकी निपटाए जा रहे हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है।”
कांग्रेस बनाम बीजेपी की सियासी बयानबाज़ी
कांग्रेस ने इसे गुस्सा जाहिर करने का तरीका बताया, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि “सपोले बिलबिला रहे हैं।”
मनजिंदर सिंह सिरसा का हमला
बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा,
“पहले देशद्रोह का काम करेंगे और फिर उनके समर्थन में नारे लगाएंगे। ये सब कांग्रेस और AAP की शह पर हो रहा है। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात, दूसरी तरफ फैसले को गलत बताना—ये दोहरा रवैया है।”
नारेबाज़ी पर दिल्ली पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने कहा कि फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने संबंधित जानकारियां मांगी हैं और मामले की जांच की जा रही है।
ABVP का आरोप: दंगाइयों की रिहाई की मांग
ABVP के उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा,
“शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत न मिलने पर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाना गलत है। ये लोग दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। JNUSU ने साबरमती हॉस्टल के पास कार्यक्रम आयोजित किया था, जहां वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र मौजूद थे।”

