झारखंड में टला रेल हादसा: झारखंड के पाकुड़ जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की सतर्कता ने एक बड़ी और जानलेवा रेल दुर्घटना को टाल दिया।
10 जनवरी 2026 की रात, तिलभीटा और कोटलपोखर स्टेशन के बीच रेल लाइन पर कुछ मज़हबियों ने भारी लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन डिरेल करने की कोशिश की।
रेलवे और पुलिस की समय पर कार्रवाई के कारण कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ।
साजिश को दिया भयंकर रूप
झारखंड में टला रेल हादसा: पाकुड़ के कुमारपुर इलाके में हुई इस घटना में आरोपितों ने जानबूझकर रेलवे ट्रैक पर लगभग 1.57 मीटर लंबा और 90 किलो का रेल टुकड़ा रखा।
उसी ट्रैक से गुजर रही मालगाड़ी लोहे के टुकड़े से टकराई, जिससे आधा दर्जन से अधिक कंक्रीट स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए।
आरपीएफ और GRP की तत्परता ने यात्रियों की जान पर मंडराते खतरे को टाल दिया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह शरारती कृत्य रात 10 से 10.30 बजे के बीच पिलर संख्या 156/4 के निकट किया गया।
यह स्पष्ट करता है कि कट्टरपंथियों ने ट्रेन दुर्घटना को भयानक रूप देने की योजना बना चुके थे।
तीन आरोपितों की हुई गिरफ्तारी
आरपीएफ और GRP ने सघन छापेमारी के दौरान यार मोहम्मद शेख (सदर प्रखंड के रानीपुर गांव), राहुल शेख (संग्रामपुर गांव) और नजमी शेख (कुमारपुर गांव) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में तीनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि यह योजना रेलवे और सुरक्षा बलों को सबक सिखाने के इरादे से बनाई गई थी।
आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरपीएफ ने बताया कि आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि किसी और का नाम सामने आता है तो उसे भी गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ के दौरान हुआ बड़ा खुलासा
झारखंड में टला रेल हादसा: पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया कि वे 6 जनवरी की रात तिलभीटा स्टेशन से मालगाड़ी से कोयला चोरी की घटना में भी शामिल थे।
मुख्य आरोपी यार मोहम्मद उर्फ “जोकर” ने बताया कि कुछ साथियों की गिरफ्तारी से नाराज होकर उसने रेलवे प्रशासन और RPF को परेशान करने के इरादे से यह ट्रेन डिरेल करने की साजिश रची।
यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि अपराधियों ने न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्लान बनाया बल्कि यात्रियों की जान पर भी गंभीर खतरा डाला।
रेलवे पुलिस की सतर्कता ने बड़ा हादसा टाला
इस भयानक योजना को आरपीएफ और GRP की तत्परता ने समय रहते नाकाम किया।
रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी शरारती गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल पाकुड़ में सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता को उजागर करती है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करती है।
पाकुड़–बड़हरवा रेलखंड पर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा की कमी कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।
आरपीएफ और GRP की तेजी और सतर्कता ने न केवल रेलवे संपत्ति को बचाया बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान भी सुरक्षित रखी।
यह घटना सभी के लिए चेतावनी है कि रेलवे और सुरक्षा बलों की सतर्कता का महत्व जीवन और संपत्ति की रक्षा में अत्यधिक है।

