झारखंड के पाकुड़ जिले में एक खतरनाक रेल हादसे की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते विफल कर दिया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई, जो सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी।
कहां और कब रची गई साजिश
यह सनसनीखेज घटना 10 जनवरी 2026 की रात की है। तिलभीटा और कोटलपोखर रेलवे स्टेशन के बीच कुमारपुर इलाके में कुछ युवकों ने रेल लाइन पर लगभग डेढ़ मीटर लंबा भारी लोहे का टुकड़ा रख दिया। उद्देश्य साफ था—तेज़ रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेन को पटरी से उतारना और बड़ा नुकसान करना।
मालगाड़ी से टकराया लोहा, टला बड़ा हादसा
इसी ट्रैक से गुजर रही एक मालगाड़ी जब उस लोहे के टुकड़े से टकराई, तब यह साजिश सामने आई। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार और ड्राइवर की सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि इस टक्कर ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया।
डॉग स्क्वायड और जांच में हुआ खुलासा
घटना के बाद RPF और GRP ने संयुक्त जांच शुरू की। डॉग स्क्वायड की मदद से संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई और कुछ ही समय में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए युवकों की पहचान यार मोहम्मद शेख, राहुल शेख और नजमी शेख के रूप में हुई है।
बदले की भावना में रची गई खतरनाक योजना
पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वे और भी चौंकाने वाले थे। आरोपियों ने कबूल किया कि वे 6 जनवरी को मालगाड़ी से कोयला चोरी की घटना में शामिल थे। इस मामले में उनके कुछ साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे। इसी से नाराज होकर उन्होंने रेलवे और RPF से बदला लेने के लिए जानबूझकर रेल हादसा कराने की साजिश रची।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा क्या किसी बड़े नेटवर्क का इसमें हाथ है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से बची जानें
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे ट्रैक की सुरक्षा कितनी संवेदनशील है। RPF और GRP की मुस्तैदी ने न सिर्फ एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, बल्कि संभावित जान-माल के भारी नुकसान को भी टाल दिया।

