Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार और उमर अब्दुला के शपथ लेने के चार दिन बाद ही आतंकियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है। आतंकियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में प्रवासी मजदूरों के शिविर को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें 2 अधिकारी और 1 डॉक्टर समेत 7 लोगों की मौत हो गईं है और 5 मजदूर घायल हो गए है। मृतक डॉक्टर की पहचान कश्मीर निवासी शाहनवाज अहमद के तौर पर हुई है। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।
Jammu & Kashmir: आतंकियों ने जवान को उतारा मौत के घाट
बता दें कि जहां हमला हुआ है वो मुख्यमंत्री उमर अब्दुला के क्षेत्र में आता है। वही पिछले दिनों जब मतदान की गिनती की जा रही थी तो आतंकियों ने सेना के एक जवान को अगवा कर लिया था और अगले दिन गोलियों से छलनी उनका शव मिला था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगी कि जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी की सरकार बनते आतंकवाद ने पैर पसारना शुरू कर दिया है।
आतंकियों को छोड़ा नहीं जाएगा
इस हमले को लेकर अमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम इसे हमले की निंदा करते है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हमलावरों को छोड़ा नहीं जाएगा। जिस तरीके से आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों के शिविर को निशाना बनाया है यह काफी भयावह है। इसी के साथ ही 50 मजदूरों के जान पर भी आ बनी है।