जामिया में बवाल: जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है।
विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग में कार्यरत अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के कर्मचारी राम फूल मीणा ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर जातिगत दुर्व्यवहार, शारीरिक हमला और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित कर्मचारी राम फूल मीणा वर्तमान में अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने इस संबंध में एसीपी सरिता विहार को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें उन्होंने विस्तार से घटनाक्रम का उल्लेख किया है।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद
शिकायत के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें संबंधित प्रोफेसर पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।
राम फूल मीणा का कहना है कि उनका उस वीडियो या शिकायत से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था, बावजूद इसके उन्हें संदेह के आधार पर निशाना बनाया गया।
मीणा के मुताबिक, 13 जनवरी 2026 को आरोपी प्रोफेसर उनके डेस्क पर आए और आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, इसी बीच विरोध करने पर भाषा और अधिक अभद्र हो गई।
16 जनवरी को मारपीट का आरोप
जामिया में बवाल: पीड़ित का आरोप है कि 16 जनवरी 2026 को प्रोफेसर दोबारा उनके कार्यालय पहुंचे और उनके साथ शारीरिक मारपीट की।
शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान जातिसूचक गालियाँ दी गईं और कहा गया, तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के संस्थान में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत कैसे की?
मीणा का दावा है कि इस हमले में उन्हें शारीरिक चोटें आईं, चेहरे पर सूजन और होंठ से खून निकलने जैसी स्थिति बनी।
धर्म परिवर्तन के दबाव का भी आरोप
राम फूल मीणा ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर लंबे समय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था।
उनका कहना है कि परिसर में उन्हें कई बार “काफिर” कहकर अपमानित किया गया और यह सब उनकी धार्मिक और आदिवासी पहचान के कारण हुआ।
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने प्रिंसिपल के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई,
तो कार्रवाई करने के बजाय उसी दिन उनका तबादला आदेश जारी कर दिया गया।
मीणा ने इसे दंडात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा है कि इससे उन्हें न्याय मिलने के बजाय मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
पुलिस जांच जारी
जामिया में बवाल: दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, राम फूल मीणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
शिकायत में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
इस बीच, आरोपी प्रोफेसर का एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह एक छात्र को कक्षा के भीतर लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस वीडियो को लेकर भी शिक्षण पद्धति और अनुशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक आरोपी प्रोफेसर या जामिया प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

