Iran-Israel War 2026: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है।
कुवैत के एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वह फिलहाल ईरान में नहीं बल्कि रूस की राजधानी मॉस्को में इलाज करा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उन्हें गुप्त तरीके से रूस ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन भी किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय वह मॉस्को में एक सुरक्षित स्थान पर बने निजी अस्पताल में मेडिकल निगरानी में हैं और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
अमेरिकी-इजरायली हमलों में घायल होने का दावा
Iran-Israel War 2026: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 28 फरवरी को ईरान पर हुए शुरुआती हवाई हमलों के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। यह हमला कथित तौर पर इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बताया जा रहा है।
हमलों के बाद उन्हें तुरंत विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत पड़ी। हालांकि उस समय ईरान में लगातार बमबारी और सुरक्षा खतरे के कारण वहां इलाज की सुरक्षित व्यवस्था करना मुश्किल हो गया था।
डॉक्टरों के जरिए ठिकाना लीक होने का डर
Iran-Israel War 2026: रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को इस बात का डर था कि जिन डॉक्टरों या मेडिकल विशेषज्ञों को इलाज के लिए बुलाया जाएगा, उनके माध्यम से मोजतबा खामेनेई का ठिकाना बाहर लीक हो सकता है।
क्योंकि उस समय Iran पर हमलों का खतरा बना हुआ था और इजराइल की ओर से नए सुप्रीम लीडर को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी गई थी। इसी वजह से उन्हें देश से बाहर ले जाकर इलाज कराने का फैसला किया गया।
पुतिन ने दिया था रूस आने का प्रस्ताव
Iran-Israel War 2026: रिपोर्ट के अनुसार व्लादिमीर पुतिन ने खुद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बातचीत के दौरान मोजतबा खामेनेई को रूस में शरण और इलाज की सुविधा देने का प्रस्ताव दिया था।
इसके बाद उन्हें गुप्त तरीके से मॉस्को ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सफल रहा है और फिलहाल उनका इलाज जारी है।
ट्रंप का बयान: “पता नहीं जिंदा हैं या नहीं”
इस पूरे मामले के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं।
हालांकि ईरान के अधिकारियों का कहना है कि वह सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है।
ईरानी प्रशासन ने इन खबरों पर सीधे तौर पर विस्तृत जानकारी देने से भी परहेज किया है।
भाषण को लेकर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में एक और दिलचस्प दावा किया गया है।
बताया गया कि हाल ही में जो संदेश मोजतबा खामेनेई के बेटे के नाम से सामने आया था, वह संभव है कि अली अर्दशिर लारीजानी ने लिखा हो, जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव बताए जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार मोजतबा खामेनेई को उस भाषण या संदेश की जानकारी तक नहीं थी, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

