इंदौर: मध्य प्रदेश केइंदौर से मानवता को झकझोर देने वाले दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जहाँ हिंदू युवतियों ने मुस्लिम युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और धर्मांतरण का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इन मामलों में पुलिस ने कुल पाँच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पीड़िताओं का कहना है कि उन्हें प्रेम, शादी और साथ निभाने का झूठा भरोसा देकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पहला मामला: शादी का भरोसा, फिर गैंगरेप और हिंसा
इंदौर: लसूड़िया थाना क्षेत्र में रहने वाली 25 वर्षीय हिंदू युवती, जो अपने पति से अलग रह रही थी, की जान-पहचान एजाज खान से हुई।
एजाज ने खुद को सहारा देने वाला बताया और युवती से शादी का वादा किया।
उसने यहाँ तक कहा कि वह उसके बच्चे की जिम्मेदारी भी उठाएगा। भरोसे में आकर युवती उसके साथ रहने लगी।
आरोप है कि कुछ समय बाद एजाज उसे अपने दोस्त शहजाद के कमरे पर ले गया, जहाँ दोनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
यहीं मामला खत्म नहीं हुआ। एजाज का भाई फारुख भी युवती को लगातार परेशान करने लगा। स
ड़क पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे डराया-धमकाया गया।
जब हालात असहनीय हो गए तो पीड़िता ने हिंदू संगठनों से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस तक मामला पहुँचा और तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
दूसरा मामला: लिव-इन के नाम पर शोषण और धर्म बदलने का दबाव
इंदौर: दूसरी घटना एरोड्रम थाना क्षेत्र की है। यहाँ एक हिंदू युवती शानू उर्फ लाला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
पीड़िता का आरोप है कि शानू उस पर लगातार धर्मांतरण का दबाव बना रहा था और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
इसी दौरान शानू का दोस्त शानू उर्फ काला वहाँ आया। युवती का कहना है कि दोनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोप यह भी है कि उसे डराने और काबू में रखने के लिए ड्रग्स तक दिए गए। लंबे समय तक चुप रहने के बाद आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की।
पुलिस कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
इंदौर: पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शानू उर्फ लाला पहले से ही जेल में बंद है।
दोनों मामलों में सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

