Sunday, February 22, 2026

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सियासी टकराव: वैश्विक मंच पर देश की छवि बनाम विपक्ष का विरोध

राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना था।

दुनिया भर से आए विशेषज्ञों, निवेशकों और प्रतिनिधियों के बीच भारत की तकनीकी क्षमता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होनी थी।

लेकिन यह आयोजन उस समय सुर्खियों में आ गया, जब कार्यक्रम स्थल के भीतर राजनीतिक विरोध देखने को मिला।

यूथ कांग्रेस का विरोध और बढ़ता विवाद

समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा पार कर अंदर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

उनका विरोध बेरोजगारी, महंगाई और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते जैसे मुद्दों को लेकर था।

प्रदर्शन ने तब और ध्यान खींचा, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर समिट के डिस्प्ले बोर्ड के सामने विरोध जताया।

इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

प्रधानमंत्री मोदी का तीखा पलटवार

इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए यह गर्व का क्षण था, जब AI पर इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहा था, लेकिन विपक्ष इसे भी राजनीतिक ड्रामे में बदलने से नहीं चूका।

पीएम मोदी के मुताबिक, कुछ राजनीतिक दल भारत की सफलता को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसी बेचैनी में वे ऐसे मंचों को भी विवादित बना रहे हैं।

“देश का कार्यक्रम था, पार्टी का नहीं”

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर यह रेखांकित किया कि AI इम्पैक्ट समिट किसी दल विशेष का आयोजन नहीं था।

यह देश का कार्यक्रम था, जहां भारत की सामूहिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखा जाना था।

ऐसे मौके पर हंगामा करना न केवल राजनीतिक अपरिपक्वता दिखाता है, बल्कि विदेशी मेहमानों के सामने देश की छवि को भी धूमिल करता है।

कांग्रेस पर वैचारिक दरिद्रता का आरोप

पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अब वैचारिक रूप से कमजोर पड़ चुकी है।

उन्होंने कहा कि जहां भारतीय समाज में किसी भी आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की परंपरा रही है, वहीं कांग्रेस अपने ही देश के कार्यक्रमों में बाधा डालने का काम कर रही है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, यह रवैया नकारात्मक राजनीति का प्रतीक है।

व्यक्तिगत हमलों तक सीमित होती राजनीति

अपने बयान में पीएम मोदी ने यह भी इशारा किया कि कांग्रेस का विरोध अब नीतिगत बहस से हटकर व्यक्तिगत नफरत तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और यह समझ रही है कि कौन देश के भविष्य की बात कर रहा है और कौन केवल विरोध के जरिए सुर्खियों में रहना चाहता है।

सुरक्षा व्यवस्था और सवाल

इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे कि आखिर कैसे प्रदर्शनकारी इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के भीतर पहुंच गए।

हालांकि, प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाल लिया गया, लेकिन इसने यह बहस जरूर छेड़ दी कि क्या वैश्विक आयोजनों में राजनीतिक विरोध की कोई सीमा तय होनी चाहिए।

समिट की उपलब्धियां बनाम विवाद

AI जैसे भविष्य की तकनीक पर केंद्रित इस समिट में भारत की योजनाओं, नवाचारों और डिजिटल विकास पर कई अहम चर्चाएं हुईं।

बावजूद इसके, राजनीतिक हंगामे ने इन उपलब्धियों से ज्यादा ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

अब यह विवाद सियासी गलियारों में गर्म बहस का विषय बन चुका है—जहां एक ओर सरकार इसे देश की प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष अपने विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बता रहा है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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