Sunday, April 6, 2025

Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में सत्ता की कुर्सी किसके हाथ, एग्जिट पोल्स ने दिया जवाब

Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव के मतदान पूर्ण हो चुके हैं और एग्जिट पोल्स की शुरुआत हो चकी हैं। इन एग्जिट पोल्स से हरियाणा की राजनीती अब और रोमांचित हो गयी है। आइये जानते हैं कि एग्जिट पोल्स किसकी जीत कि ओर इशारा कर रहे हैं।

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10 साल बाद कांग्रेस संभालेगी हरयाणा की सत्ता

एग्जिट पोल्स के मुताबिक 10 साल बाद कांग्रेस एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल ये हैं कि अगर कांग्रेस जीतती हैं तो वो सीएम के पद के लिए इसको चुनेगी। कांग्रेस इनमें से कुछ दावेदारों को चुन सकती है।

भूपेंद्र हुड्डा

इस रेस में सबसे आगे भूपेंद्र हुड्डा माने जा रहे हैं। हरियाणा जाटों का गढ़ है, और वहां के जाट बहुल इलाकों में हुड्डा की पकड़ काफी मजबूत है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए जमकर प्रचार-प्रसार किया था। इस दौरान 10 में से पांच सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।

कुमारी शैलजा

Haryana Assembly Elections 2024: कुमारी शैलजा भी चुनावी मैदान में हैं। दलित वोटों के दम पर वे पार्टी को एक नई दिशा देने का दम रखती हैं। इनकी गांधी परिवार के साथ नजदीकी जगजाहिर है। अभी वर्त्तमान में शैलजा सिरसा से लोकसभा संसद हैं। ये भी कांग्रेस द्वारा हरियाणा की सीएम चुनी जा सकती है।

रणदीप सुरजेवाला

रणदीप सुरजेवाला, जिनके पास संगठन का अनुभव है, भी सीएम पद के दावेदार के रूप में खुद को साबित करने का मौका तलाश रहे हैं। राज्यसभा सांसद और महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला भी हरियाणा के सीएम चुने जा सकते हैं।

दीपेंद्र हुड्डा

इसी बीच, दीपेंद्र हुड्डा का नाम भी उभरता दिख रहा है। युवा होने के चलते, पार्टी उनके पिता भूपेंद्र हुड्डा की उम्र को देखते हुए उन्हें मौका दे सकती है। हालांकि, उनके ऊपर परिवारवाद के आरोप भी लग सकते हैं, और सरकार चलाने में चुनौतियां भी हो सकती हैं।

उदय भान

हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भान के नाम की भी खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अगर पार्टी किसी दलित चेहरे के नाम पर आगे बढ़ती है, तो वह भी इस रेस में शामिल हो सकते हैं।

बीजेपी के सत्ता में आने का मौका न के बराबर है

इस बार बीजेपी के हरियाणा में आने के चांस बिलकुल ना के बराबर हैं। लेकिन ये तो सिर्फ एग्जिट पोल्स हैं। असली नतीजे कुछ भी हो सकते हैं। अब 8 अक्टूबर को नतीजों के बाद ही पता चलेगा कि इस बार हरियाणा की सत्ता जनता ने किसे सौंपी है।

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