GYM जानें के बाद भी क्यों कम नहीं हो रहा वजन: आजकल फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ी है।
कई लोग रोजाना जिम जाते हैं, योगा क्लास में हिस्सा लेते हैं या घर पर नियमित वर्कआउट करते हैं।
पसीना बहाने के बाद उन्हें लगता है कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य के लिए सही कदम उठाया है,
लेकिन जब कुछ दिनों या हफ्तों बाद वे वजन मशीन पर खड़े होते हैं और वजन में कोई खास बदलाव नहीं दिखता, तो निराशा होना स्वाभाविक है।
ऐसे में अक्सर यह सवाल मन में आता है कि जब हम नियमित एक्सरसाइज कर रहे हैं, तो फिर वजन कम क्यों नहीं हो रहा।
सिर्फ वर्कआउट से तय नहीं होता वजन
वजन कम होना केवल जिम में मेहनत करने से तय नहीं होता। इसके पीछे कई अन्य कारक भी काम करते हैं।
हमारी रोजमर्रा की आदतें, खानपान, नींद और दिनभर की गतिविधियां वजन को प्रभावित करती हैं।
कई बार लोग यह मान लेते हैं कि ज्यादा एक्सरसाइज करने से बहुत ज्यादा कैलोरी बर्न हो जाती है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग होती है।
दरअसल, एक सामान्य वर्कआउट से उतनी कैलोरी खर्च नहीं होती जितनी लोग अक्सर सोच लेते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति आधे घंटे तक मध्यम स्तर का वर्कआउट करता है तो वह लगभग 200–300 कैलोरी ही बर्न कर पाता है,
लेकिन दिनभर में अगर खानपान पर ध्यान न दिया जाए तो उतनी ही कैलोरी कुछ ही मिनटों में वापस शरीर में पहुंच सकती है।
शरीर ऊर्जा की भरपाई कर लेता है
फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार शरीर काफी स्मार्ट तरीके से काम करता है।
जब हम वर्कआउट के दौरान ज्यादा ऊर्जा खर्च करते हैं, तो शरीर कभी-कभी दूसरी गतिविधियों में ऊर्जा की बचत करने लगता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि वर्कआउट बेकार है, बल्कि इसका सही संतुलन बनाना जरूरी है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे व्यायाम मसल्स बनाने में मदद करते हैं। जब शरीर में मसल्स बढ़ते हैं तो मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
इसका फायदा यह होता है कि शरीर आराम की स्थिति में भी ज्यादा कैलोरी खर्च करता है।
इसलिए केवल कार्डियो ही नहीं, बल्कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी अपनी फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाना जरूरी होता है।
खानपान में छोटी गलतियां बनती हैं बड़ी वजह
वजन कम न होने की सबसे बड़ी वजह अक्सर खानपान में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां होती हैं।
कई लोग हेल्दी फूड तो खाते हैं, लेकिन उसकी मात्रा पर ध्यान नहीं देते।
उदाहरण के लिए, नट्स, घी, एवोकाडो, स्मूदी और सूखे मेवे जैसे खाद्य पदार्थ पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी काफी अधिक होती है।
अगर इन्हें जरूरत से ज्यादा खाया जाए तो शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है और वजन कम होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
इसलिए हेल्दी खाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही मात्रा में खाना।
स्नैकिंग और ड्रिंक्स का असर
कई बार दिनभर में बार-बार स्नैकिंग करना भी वजन घटाने में बाधा बनता है।
छोटी-छोटी भूख लगने पर लोग बिस्कुट, नमकीन या मीठे स्नैक्स खा लेते हैं, जिससे अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा हो जाती है।
इसके अलावा मीठे पेय पदार्थ, पैकेज्ड जूस और हाई-कैलोरी ड्रिंक्स भी वजन बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।
वजन घटाने के लिए यह जरूरी है कि व्यक्ति अपने खाने के पैटर्न को संतुलित रखे और बेवजह की स्नैकिंग से बचने की कोशिश करे।
प्रोटीन की कमी से धीमा हो सकता है मेटाबॉलिज्म
डाइट में प्रोटीन की कमी भी एक आम समस्या है। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो मसल्स को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।
मसल्स कम होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म भी धीमा पड़ सकता है।
इसलिए हर भोजन में प्रोटीन शामिल करना जरूरी होता है। अंडे, दालें, पनीर, टोफू, सोया और मछली जैसे प्रोटीन के अच्छे स्रोत शरीर को मजबूत बनाने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
दिनभर की एक्टिविटी भी है जरूरी
बहुत से लोग यह सोचते हैं कि एक घंटा जिम में बिताने के बाद बाकी दिन आराम से बैठना ठीक है,
लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। अगर कोई व्यक्ति दिनभर ज्यादा समय बैठकर बिताता है, तो उसका शरीर उतनी कैलोरी खर्च नहीं कर पाता।
वजन घटाने के लिए दिनभर सक्रिय रहना जरूरी है।
ज्यादा चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और बीच-बीच में हल्की गतिविधियां करना शरीर को एक्टिव बनाए रखता है और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।
नींद और तनाव का भी पड़ता है असर
वजन कम करने में पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर व्यक्ति कम सोता है या लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है। इससे भूख बढ़ सकती है और वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

