मछली गैंग का माज गिरफ्तार: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यासीन मछली गैंग से जुड़े अपराधों की कड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है।
गैंग के गिरफ्तार सदस्य मोनिस खान के छोटे भाई माज खान का नाम अब लव जिहाद और दुष्कर्म के गंभीर मामले में सामने आया है।
पुलिस ने माज खान को 8 फरवरी को कोहेफिजा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
इस मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार में दुष्कर्म का आरोप, धर्म परिवर्तन का दबाव
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि माज खान और उसके साथी ओसाफ अली खान ने उसके साथ कार में दुष्कर्म किया।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उस पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया।
पीड़िता के अनुसार दोनों आरोपी सुनियोजित तरीके से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का खेल
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके अश्लील वीडियो और तस्वीरें बना लीं।
इसके बाद इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसों की मांग की जाने लगी।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार उसे ब्लैकमेल करते रहे और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर चुप रहने का दबाव बनाते रहे।
शादी का झांसा और पैसों की उगाही
पीड़िता के मुताबिक, मजहबी आरोपी उसे शादी का झांसा देता रहा। वहीं दूसरी ओर उससे एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
पीड़िता ने बताया कि वह अब तक डर और दबाव में आकर 40 हजार रुपये आरोपियों को दे चुकी है।
आरोपी साफ तौर पर कहता था कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी।
थार गाड़ी और पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल काले शीशों वाली थार गाड़ी माज खान की थी।
इस मामले में मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान को पुलिस पहले ही 3 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
बताया जा रहा है कि ओसाफ 12वीं कक्षा का छात्र है। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिसकर्मी पर डील का आरोप, DCP ने किया सस्पेंड
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
कोहेफिजा थाने के हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेंद्र द्विवेदी पर आरोप है कि उन्होंने एक आलीशान होटल में आरोपियों को बिना रिमांड जेल भेजने की डील की थी।
मामले के उजागर होने के बाद DCP ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
फिलहाल पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच जारी है।

